नईम गाजी प्रकरण में उठाए गए युवकों को छुड़ाने पहुंचे भाजपाई।
- फोटो : अमर उजाला
भगत सिंह मार्केट के अपहृत प्रधान नईम गाजी का मामला शुक्रवार रात को तूल पकड़ गया। पीड़ित परिजन जहां नईम को बरामद करने की मांग कर रहे हैं। वहीं रात को कोतवाली पहुंचे भाजपाइयों ने मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अभिषेक नामक युवक को जबरन छुड़ा लिया। इस दौरान पुलिस से धक्कामुक्की हो गई। भाजपाइयों ने इंस्पेक्टर कोतवाली को भी धमकी दे दी।
भगत सिंह मार्केट के प्रधान नईम गाजी का पांच दिन पहले अपहरण हो गया था। लेकिन पुलिस अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा पाई है। अपहरण के मामले में कोतवाली पुलिस ने हैपी उर्फ अभिषेक को चार दिन पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। शुक्रवार रात करीब आठ बजे भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा, दीपक शर्मा, शिवम शर्मा, अनुज राजपूत, जसवंत चौधरी, नितिन, नीरज निसाद, विशाल आदि 40-50 कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा कर दिया। इंस्पेक्टर कोतवाली ने अभिषेक को छोड़ने से इंकार किया तो भाजपाई ने मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाने शुरू कर दिए।
इस दौरान भाजपाइयों की एक सिपाही से धक्कामुक्की हो गई। हंगामे की सूचना पर सीओ कोतवाली रणविजय सिंह थाने पहुंचे और मामला शांत कराया। आरोपी को न छोड़ने पर भाजपाई धरना देने की बात कहने लगे। जिसके बाद सीओ ने कहा कि सुपुर्दगी में सौंपा जा रहा है। शनिवार को फिर थाने में लाना पड़ेेगा।
दुकान का है विवाद
सीओ कोतवाली का कहना है कि नईम की कॉल डिटेल में भी ज्यादा कुछ नहीं मिल पा रहा है। दुकान को लेकर नईम का अभिषेक उर्फ लवली से विवाद चल रहा है। नईम के परिजन अभिषेक पर अपहरण का आरोप लगा रहे हैं। उधर, अभिषेक अपने को निर्दोष बता रहा है। सीओ के अनुसार फिलहाल अभिषेक को सुपुर्दगी में छोड़ा गया है। पूछताछ के लिए फिर बुला लिया जाएगा।