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गांजा सप्लायर रिटायर्ड फौजी गिरफ्तार

Fri, 26 Apr 2019 03:43 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ - फोटो : अमर उजाला
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 वेस्ट यूपी में काफी समय से गांजा (मादक पदार्थ) सप्लाई करते आ रहे रिटायर्ड फौजी और उसके साथी को दौराला पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से करीब 30 लाख की कीमत का 200 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की चेकिंग से बचने के लिए ये आरोपी मादक पदार्थ को आर्मी लिखे बक्सों में ले जाते थे।
एसएसपी नितिन तिवारी ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि एसओ दौराला रितेश कुमार ने मुखबिर की सूचना पर रिटायर्ड फौजी बाबूजी शाहू निवासी कुकड़ा खंडी सदर थाना, ब्रह्मपुर गंजाम उड़ीसा और योगेश कुमार निवासी प्रकाश नगर लाइन पार मझौला मुरादाबाद को सकौती रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। इस दौरान इनकी तलाशी ली गई तो आरोपी बाबूजी शाहू के पास जो बक्सा मिला, उस पर आर्मी लिखा था, जो सेना में सेवारत कर्मी ले जाते थे। इसके अलावा सूटकेस, बैग और कट्टा भी मिला। इन सभी में कुल मिलाकर 200 किलो गांजा था।
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नौ साल पहले लिया वीआरएस
एसएसपी के अनुसार सेना में करीब 16 साल नौकरी करने के बाद बाबूजी शाह ने नौ साल पहले वीआरएस ले लिया था। वह उड़ीसा से गांजा लाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सप्लाई करता था। हर जिले में उसका नेटवर्क फैला हुआ है। गांजा कहां और कितना जाना है, यह पहले से तय हो जाता था। सैन्यकर्मियों का बक्सा होने के चलते उसकी चेकिंग भी नहीं होती थी। हालांकि इससे पहले वह एक बार दिल्ली में पकड़ा गया था।

दिल्ली, मुरादाबाद में हो चुका खुलासा
सीओ दौराला जितेंद्र कुमार सरगम के अनुसार रिटायर्ड फौजी बाबूजी शाहू की कुंडली खंगाली गई। जिसमें पता चला कि उसके गिरोह में 20 से 30 लोग जुड़े हैं। इस गिरोह का खुलासा दिल्ली व मुरादाबाद में पहले हो चुका है। बाबूजी शाहू पहले भी गांजे की तस्करी में दिल्ली से गिरफ्तार होकर जेल गया था। जो करीब 15 महीने बाद जेल से छूटा था। उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है, ताकि उसके सभी साथियों की गिरफ्तारी हो सके।
दिल्ली से जम्मू तक युवाओं को कर रहा था खोखला
मेरठ। रिटायर्ड फौजी बाबूजी शाहू करीब नौ साल से दिल्ली से जम्मू तक युवा शक्ति को खोखला करता आ रहा था। उसके अंतर्राज्यीय गिरोह में 20-30 लोग हैं। उसके गिरोह का नेटवर्क दिल्ली एनसीआर, पूरे वेस्ट यूपी, पंजाब के लुधियाना और अमृतसर के अलावा जम्मू कश्मीर तक फैला है। स्कूल, कॉलेजों के आसपास और बाजारों में किशोरों और युवाओं को निशाना बनाकर गांजा और मादक पदार्थ सप्लाई किया जाता था। लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस की नींद नहीं टूटती। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सेना से करीब नौ साल पहले रिटायर्ड होने के बाद बाबूजी शाहू ने उड़ीसा से दिल्ली एनसीआर और वेस्ट यूपी के जिलों में तस्करी शुरू कर दी थी। दिल्ली और वेस्ट यूपी में फूलप्रूफ योजना के तहत मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती थी।
कोरियर ग्रुप बना रखा था
एसएसपी के अनुसार बाबूजी शाहू अपने गिरोह को एक तरह से कोरियर कंपनी की तरह चलाता था। उसने मादक पदार्थों की सप्लाई के लिए कोरियर ब्वॉय रखे हुए थे। वह उड़ीसा से गांजा और अन्य दूसरे मादक पदार्थ खुद लाता था और कोरियर ब्वॉय के रूप में गिरोह के सदस्य उसे महानगरों में बेचते थे।
अभिभावक रहें सावधान
एसएसपी नितिन तिवारी के मुताबिक अभिभावकों को भी सावधान रहने की जरूरत है। उनको ध्यान रखना चाहिए कि उनका बच्चा नशे की गिरफ्त में तो नहीं जा रहा। दोनों आरोपियों बाबूजी शाहू और योगेश ने बताया कि वह ज्यादातर स्कूल-कॉलेजों के आसपास अफीम और गांजा सप्लाई करते थे, जिसके चलते अभिभावकों को भी अलर्ट रहने की जरूरत है।

सेना की वर्दी में करता था सफर
एसएसपी नितिन तिवारी के अनुसार आरोपी बाबूजी शाहू सेना में सिपाही पद पर तैनात रहा था। सेना से रिटायर्ड होने के बाद भी वह सैन्यकर्मी बनकर ट्रेनों में सफर करता था। मादक पदार्थों की सप्लाई वह उस ट्रंक (काला बक्सा) में करता था, जिसमें फौजी आमतौर पर अपना सामान ले जाते हैं। किसी को शक न हो इसलिए वह सेना की वर्दी पहनता था। ऐसा दर्शाता था, जैसे उसकी किसी नई जगह पोस्टिंग हुई हो और वह वहां पूरा सामान लेकर जा रहा हो। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से ट्रंक, सूटकेस, बैग, कट्टा, बिस्तरबंद आदि बरामद किया गया। इन सभी में 200 किलो गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था।
काले बक्से पर सूबेदार जेएस राणा
एसएसपी के अनुसार ट्रेन में बाबूजी शाहू के पास दो से तीन बक्से होते थे। आरोपी के पास जो बक्सा मिला है, उस पर सूबेदार जेएस राणा लिखा हुआ है। माना जा रहा है कि उसने यह बक्सा चोरी किया होगा। इसकी जांच के लिए आर्मी इंटेलीजेंस को सूचना दी गई है।
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छोटे स्टेशनों पर उतारता था माल
एसएसपी के अनुसार गांजा माफिया बाबूजी शाहू छोटे स्टेशनों पर ही मादक पदार्थ से भरा बक्सा और अन्य सामान उतारता था। वह इसलिए क्योंकि बड़े स्टेशनों पर चेकिंग होती है जबकि किसी हाल्ट या छोटे स्टेशन पर चेकिंग नहीं होती। वहां से टैक्सी से अलग-अलग जगहों पर मादक पदार्थ ले जाया जाता था।

 
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