रेप के आरोप के एक मामले में नया मोड़ आ गया है। जेल में बंद आरोपी और रेप पीड़िता की ढाई माह की मासूम बच्ची का डीएनए टेस्ट होगा। इसके लिए हाईकोर्ट के आदेश पर सीएमओ ने दो डॉक्टरों की टीम गठित की है, जो सोमवार को बच्ची और आरोपी के ब्लड सैंपल लेगी। इसे जांच के लिए लखनऊ एफएसएल भेजा जाएगा।
करीब छह माह पहले जानी थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा एक किशोरी (16 वर्ष) के साथ दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया था। परिजनों को घटना का पता किशोरी के करीब पांच माह का गर्भ ठहरने पर चला था। घटना की रिपोर्ट दर्ज होने पर पुलिस ने आरोपी यामीन को जेल भेज दिया था। आरोपी के जेल जाने के बाद किशोरी ने एक बालिका को ढाई माह पूर्व जन्म दिया। पीड़िता को महिला संरक्षण गृह में रखा हुआ है।
आरोपी ने इस मामले में घटना को अंजाम देने से इंकार करते हुए जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी लगाई है, जिस पर हाईकोर्ट ने आरोपी और पैदा हुई बच्ची का डीएनए टेस्ट करवाने के आदेश जानी थाना पुलिस को देते हुए दो माह में रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने को कहा है।
इस संबंध में जानी इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार ने बताया कि डीएनए कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डॉक्टरों की टीम पुलिस की मौजूदगी में आरोपी और बच्ची के ब्लड सैंपल लेगी। उधर, सीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया जा रहा है। दो डॉक्टरों की टीम का गठन किया गया है, जो सोमवार को डीएनए के लिए सैंपल लेंगे।