एक माह पहले अल्लीपुर मोड़ पर धर्म कांटे की आड़ में गोदामों में मिला लगभग सौ क्विंटल मांस गोमांस था। सैंपल भरकर सरकारी टीम ने इस मांस को नष्ट कर दिया था। बृहस्पतिवार को इस सैंपल की रिपोर्ट पशुपालन विभाग को मिल गई। जिसमें मथुरा फोरेंसिक लैब ने इसके गोमांस होने की पुष्टि कर दी है।
15 सितंबर को पशु पालन, पुलिस, प्रशासन, प्रदूषण सहित विभिन्न विभागों की टीम ने थाना खरखौदा क्षेत्र के हापुड़ रोड स्थित अल्लीपुर मोड़ पर गोदामों में छापा मारा था। तहसीलदार, पशु पालन विभाग से डॉ. संजय चतुर्वेदी, प्रदूषण विभाग से एई अंकित चौधरी आदि ने पुलिस को साथ लेकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया था। यहां धर्मकांटे पर अवैध रूप से मीट पैकेजिंग किया जा रहा था। टीम ने तीन गोदामों से लगभग सौ क्विंटल गोमांस, एक टाटा 407, एक थ्री व्हीलर व कई दोपहिया वाहन सहित मौके से 13 लोगों को हिरासत में लिया था।
इस मामले में पशुपालन विभाग की ओर से आस मोहम्मद, वसीम, अकराम व इनाम चारों के खिलाफ थाना खरखौदा पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बरामद मांस के सभी नमूनों को मथुरा लैब में जांच के लिये भेजा गया था। बाकी मांस को नष्ट कर दिया गया था। बृहस्पतिवार को मथुरा फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट पशुपालन विभाग को प्राप्त हो गई। वेटेनरी ऑफिसर डॉ. संजय चतुर्वेदी ने बताया कि जांच में गोमांस की पुष्टि हो गयी है। इस रिपोर्ट की प्रति पुलिस को भी भेजी गई है।
हंगामे से हुआ था मामला दबाने का प्रयास
छापामारी के दिन मौके पर ही पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा था कि यह गोमांस है। इस पर वहां के गोदामों से जुडे़ लोगों ने हंगामा कर दिया था। टीम का विरोध करते हुए कहा था कि यह गोमांस नहीं है। टीम ने जब उक्त मीट को सुपुर्दगी में लेने को कहा तो उक्त लोगों ने मीट लेने से इंकार कर दिया था। जिसमें टीम ने बाद में उक्त मीट को गड्ढे में दबा दिया था और सैंपल लैब में भेज दिए थे। अब वहां से भी गोमांस की पुष्टि हो गई है।