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अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को सुनाई उम्रकैद की सजा, लगाया 22 हजार का जुर्माना

Fri, 23 Aug 2019 01:19 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर जनपद में स्पेशल कोर्ट पोक्सो के जज ओपी वर्मा ने दस साल की मासूम से दुष्कर्म व नृशंस हत्या के सनसनीखेज मामले में आरोपी पुष्पेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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विशेष लोक अभियोजक पोक्सो विनीश कुमार के अनुसार थाना कोतवाली शहर के एक गांव की दस साल की एक बालिका सात जुलाई 2015 में रात को घर से गायब हो गई थी। परिजनों ने रात में ही बालिका को काफी तलाशा लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। बालिका का शव अगले दिन खेत से मिला था। मुंह दबाकर बालिका की हत्या की गई थी। कपड़े अस्त व्यस्त थे। पुलिस ने खेत से बरामद कपड़े विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालिका से दुष्कर्म की बात सामने आई थी। इस हत्याकांड से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने इस मामले की विवेचना करते हुए पड़ोस के गांव के पुष्पेंद्र को दबोचा था। पुलिस ने पुष्पेंद्र के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।

कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को सुनाई दस साल की सजा, लगाया 1.10 लाख का जुर्माना

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वहीं पुलिस ने चार्जशीट में बताया था कि पुष्पेंद्र की बालिका के गांव में रिश्तेदारी थी। वह गांव में आता रहता था। घटना वाली रात को भी वह गांव में ही था। देर रात बालिका लघुशंका के लिए जंगल की ओर आई थी। वहां पुष्पेंद्र पहले से ही खड़ा था। वहां से पुष्पेंद्र ने बालिका को उठा लिया। उसने खेत में ले जाकर बालिका से दुष्कर्म किया और नाम खुलने के डर से उसने बालिका की गला घोंटकर नृशंस हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार पुष्पेंद्र ने बालिका की हत्या के बाद खुद शक से बचने के लिए उसकी परिजनों के साथ खेत में तलाश भी कराई थी। वह शव बरामद होने के बाद भी काफी देर तक गांव में रहा था। अदालत ने अभियुक्त पुष्पेंद्र को दोषी मानते हुए हत्या की धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साक्ष्य छिपाने के आरोप में दो साल के कठोर कारावास, धारा चार पोक्सो एक्ट में दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। ये सभी सजाएं एकसाथ चलेंगी। अदालत ने आरोपी पर कुल 22 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड में से 15 हजार रुपये मृतका के पिता को देने के आदेश दिए हैं।

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इस साल की पहली सजा
पोक्सो एक्ट में वादों की सुनवाई करने के लिए प्रशासन गंभीर है। पोक्सो की अदालत में करीब 420 केस चल रहे हैं। इस साल में पोक्सो के केस में पहली सजा सुनाई गई है। पोक्सो केस की जल्द सुनवाई के लिए शासन ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। किसी भी पोक्सो कोर्ट में लापरवाही न करने व प्रत्येक तारीख पर गवाहों को आने को कहा गया है।

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