सहारनपुर जनपद में देवबंद के गांव महमूदपुर में ढाई साल पूर्व हुई पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। जबकि चार अन्य आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया।
देवबंद के गांव छिछरौली निवासी राजपाल की पुत्री रूबी की शादी वर्ष 2011 में देवबंद क्षेत्र के ही गांव महमूदपुर निवासी कर्मवीर से हुई थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता सतीश सैनी ने बताया कि परिजनों ने आरोप लगाया कि रूबी की ससुराल के लोग शादी में मिले दहेज से खुश नहीं थे और अधिक दहेज की मांग के लिए उसका उत्पीड़न करते थे। 23 दिसंबर 2016 को रूबी ने भाई रवि को फोन कर बताया कि पति कर्मवीर उसे मार रहा है। उसे यहां से आकर ले जाओ। जब राजपाल ने रूबी की ससुराल में फोन कर इस बारे में पूछा तो किसी बच्चे ने फोन पर बताया कि कर्मवीर रूबी को मारकर भाग गया है। मामले में राजपाल ने पति कर्मवीर, जेठ धर्मवीर, जेठानी रेखा, ससुर देशराज और सास मूर्ति के खिलाफ देवबंद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
दहेज हत्या का मामला अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद भारती की कोर्ट में चला। कोर्ट ने सुनवाई के बाद साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर पति कर्मवीर को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जेठ, जेठानी, सास और ससुर को दोषमुक्त करार दिया।
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