मेरठ के लिसाड़ीगेट के लक्खीपुरा में दंपती ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। परिवार में कलह रहती थी और आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते समय लोगों ने पुलिस से धक्कामुक्की और हाथापाई की। सिपाही ने भीड़ पर रायफल तान दी और सीओ ने सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी, तो लोग हटे। घंटों तक हंगामा चला, तब जाकर शव मोर्चरी भेजे जा सके।
लक्खीपुरा निवासी इसरार (30) पुत्र मोहम्मद अनवार की शादी नौ साल पहले हापुड़ निवासी रुखसाना (27) के साथ हुई थी। युवक कपड़ों की फेरी लगाने का काम करता था। दंपती के कोई संतान नहीं हुई। इस दौरान पति-पत्नी के बीच गृह क्लेश रहने लगा। परिवार में पैसे की भी किल्लत थी। घर में युवक की मां शाहजहां साथ रहती थी। एक सप्ताह पहले हरियाणा के यमुनानगर में रहने वाली इसरार की बहन कमरजहां भी मायके आ गई थी। मंगलवार दोपहर 12 बजे इसरार अपनी पत्नी के साथ घर पर था। जबकि बहन, अपनी मां शाहजहां को डॉक्टर के यहां दवाई दिलाने गई थी। इस दौरान इसरार और रुखसाना ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दोपहर करीब पौने तीन बजे जैसे ही युवक की बहन और मां घर पहुंचे, तो रुखसाना बेड पर पड़ी थी, जबकि इसरार फर्श पर पड़ा था। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। लोग दोनों को पहले हापुड़ रोड स्थित निजी अस्पताल ले गये, जहां से डॉक्टरों ने आनंद अस्पताल भेज दिया। आनंद अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोेषित कर दिया। इसके बाद परिजन शवों को घर ले गये।
सूचना पर महिला के मायके पक्ष के लोग भी हापुड़ से पहुंच गये। उन्होंने हंगामा कर दिया, लेकिन जब पड़ोस के लोगों ने पूरा मामला बताया तो वे शांत हो गये। लिसाड़ीगेट इंस्पेक्टर नजीर अली भी मौके पर पहुंचे। परिजन और अन्य लोगों ने कहा कि वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते, शवों का पोस्टमार्टम नहीं होगा। पुलिस ने लोगों को हटाया और शवों को टाटा मैजिक में रखकर मोर्चरी के लिए भेज दिया। इसके बाद भीड़ ने फतेहउल्लापुर चौकी के पास गाड़ी रोक ली और जबरन शव उतारने लगे। सिपाही ने विरोध किया तो भीड़ ने उससे हाथापाई कर दी। सिपाही ने राइफल तान दी, तो भीड़ हटी। हंगामे की सूचना पर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला मौके पर पहुंचे। घंटों तक बखेड़ा चला। सीओ ने कहा कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम होगा, विरोध करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को मोर्चरी भेजा।
कोट
संतान न होने पर दंपती में विवाद रहता था। आर्थिक तंगी भी तनाव की वजह थी। कुछ लोगों ने पुलिस से धक्कामुक्की की थी। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश शुक्ला, सीओ कोतवाली