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ईंट भट्ठे के मुंशी की हत्या, फांसी लगा मिला शव

Wed, 12 Oct 2016 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ-करनाल हाईवे स्थित बपारसी गांव के  जंगल में बंद पड़े ईंट भट्टे पर उसके मुंशी की हत्या कर दी गई। ईंट भट्ठे के एक कमरे में मुंशी का फांसी लगा शव मिलने की सूचना पर परिजन पहुंचे तो कोहराम मच गया। परिजनों ने ईंट भट्ठा मालिक  और तीन शिक्षकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। मुंशी के पास से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने कई लोगों पर बकाया पैसा न देने का आरोप लगाया है।
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सरधना थानाक्षेत्र के पांचली गांव का निवासी रविश शर्मा (25) पुत्र प्रहलाद शर्मा इंटर पास करने के बाद हाईवे स्थित ईंट भट्ठे पर मुंशी की नौकरी कर रहा था। यह ईंट भट्टा काफी दिनों से बंद पड़ा हुआ है। मंगलवार सुबह ईंट भट्टे परिसर में बने एक कमरे में रविश का शव लटका मिला। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। रविश के परिजनों ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि रविश को पहले पीटा गया और फिर उसकी हत्या कर शव फांसी पर लटका दिया गया, ताकि यह आत्महत्या लगे।

सुसाइड नोट में लगाए आरोप
रविश के पास एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें उसने ईंट भट्ठा मालिक कुरुवेंद्र उर्फ गुरु पर मजदूरी का पैसा न देने और तीन शिक्षकों नरेंद्र, मोहन और भोपाल निवासी सोरम गोयला, मुजफ्फरनगर पर नौकरी के नाम पर दिया गया पैसा न लौटाने का आरोप लगाया। सुसाइड नोट के अनुसार पैसे न मिलने पर वह बहुत परेशान था। तीनों शिक्षक कृपा राम इंटर कॉलेज में तैनात हैं। परिजनों ने चारों लोगों के खिलाफ हत्या और षड्यंत्र रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। एसओ सरधना के अनुसार हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। गंभीरता से जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जाम लगाने की कोशिश
गुस्साए लोगों ने मेरठ-करनाल हाईवे पर शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। परिजनों और लोगों ने बताया कि रविश के शरीर पर चोटों के निशान भी थे। अंदेशा है कि हत्या के बाद शव को आत्महत्या दर्शाने के लिए लटकाया गया है। एसओ सरधना तेजसिंह यादव ने कहा कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा हो जाएगा।

आर्थिक और मानसिक रूप से टूटा
रविश के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। रविश तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़ा था। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि छह वर्ष पूर्व रविश ने इंटर की पढ़ाई पूरी की तो सरूरपुर इंटर कालेज के दो शिक्षकों ने डिग्री कॉलेेज में नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये लिये थे। यह रुपये रविश के पिता ने कुछ जमीन बेचकर दिये थे। नौकरी नहीं मिलने पर शिक्षकों पर रुपये लौटाने का दबाव बनाया तो कुछ रुपये लौटा भी दिये थे। लेकिन कुछ रुपये अभी बाकी बतायी गई। ईट भट्ठे पर भी मजदूरी के 35 हजार रुपये बकाया बताए गए। जिसके कारण रविश आर्थिक और मानसिक रूप से भी टूट गया था।
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