अपहृत युवती की बरामदगी न होने पर पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के बाद गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई है। युवती बरामद न होने पर भाजपा विधायक के बड़ी पंचायत के एलान से पुलिस अफसरों के होश उड़े हैं। एसपी देहात ने बुधवार को गांव पहुंचकर मामले की जानकारी ली। पुलिस की एक टीम ने देहरादून में भी दबिश दी है।
जानी थाना क्षेत्र के भवीं गांव निवासी एक युवती 21 दिसंबर को लापता हो गई थी। युवती के परिजनों ने दानिश और पांच अन्य लोगों के खिलाफ जानी थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद से हिंदू संगठनों ने युवती की बरामदगी को लेकर गांव में पंचायत कर पुलिस के प्रति आक्रोश जताया। मंगलवार को पंचायत में सरधना से भाजपा विधायक संगीत सोम और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदर पाल सिंह ने एसपी देहात को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। जिसमें भाजपा विधायक ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने 29 दिसंबर तक युवती को बरामद नहीं किया, तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
चार टीमें लगीं
एसपी देहात श्रवण कुमार सिंह ने युवती की बरामदगी के लिए सीओ सरधना सीपी सिंह यादव के नेतृत्व में चार टीमें लगा रखी हैं। इनके अलावा क्राइम ब्रांच और सर्विलांस को भी लगाया गया है।
देहरादून में दबिश:
पुलिस की एक टीम ने युवती की तलाश में देहरादून में भी दबिश दी। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि दानिश देहरादून या अन्य जगह पहुंचा है। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है। पुलिस ने दबाव बनाने के लिए दानिश के चार रिश्तेदारों को भी हिरासत में ले रखा है। मुख्य आरोपी के परिजन भी फरार हैं।
एलआई की टीम पहुंची
भवीं गांव में बुधवार को एलआईयू की टीम भी पहुंची। भाजपा विधायक की पंचायत के बाद मामला लखनऊ तक पहुंच चुका है। ऐसे में एलआईयू की टीम भी सक्रिय है। इस मामले में हिंदू संगठन के लोगों में भी आक्रोश है।