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अंकुर की कुंडली में पुलिस ढूंढ रही हत्यारोपी

Thu, 07 Jul 2016 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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अंकुर के परिजन - फोटो : अमर उजाला
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 ईओडब्लू के इंस्पेक्टर कुंवरपाल सिंह के बेटे और सीसीएसयू कैंपस के छात्र अंकुर बैसला के हत्यारों को पुलिस अंकुर की कुंडली में ही ढूंढ रही है। विश्वविद्यालय और गंगानगर में अंकुर के दोस्तों की तलाश पुलिस ने शुरू कर दी। उसके तीन दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, पुलिस अंकुर के मोबाइल की सीडीआर को अहम मानकर चल रही है।
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अंकुर की मंगलवार रात गंगानगर डिवाइडर रोड पर पीएनबी के पास गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस के अनुसार परिजनों का दावा है कि अंकुर का कोई ऐसा दोस्त नहीं था, जिस पर शक किया जाए। जबकि पुलिस का कहना है कि हत्यारे अंकुर के परिचित थे।

प्रेम प्रसंग या फिर पुरानी रंजिश
पुलिस हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग या पुरानी रंजिश को फोकस करके चल रही है। पुलिस के अनुसार अंकुर विवि नहीं जाता था। कोई जॉब भी नहीं करता था। अंकुर का अधिकांश समय कहां बीतता था, इसका पता लगाने में पुलिस जुटी है।
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‘किसके सहारे छोड़ गया हमें’
बुधवार सुबह 11:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद अंकुर का शव गंगानगर पहुंचा। लोगों की भीड़ लगी थी। मां कुसुम और पत्नी सरिता समेत परिवार का रो रोकर बुरा हाल था। दोनों बदहवास की स्थिति में थीं। अंकुर के शव से लिपटकर बोलीं कि ‘अंकुर हमें किसके सहारे छोड़कर चला गया’। दोपहर में शव का सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

जिम्मेदार था अंकुर
अंकुर के बड़े भाई आशुतोष और छोटे भाई अंजुल ने रोते हुए बताया कि वह घर की जिम्मेदारी संभालता था। उसी के भरोसे हम अपनी नौकरी कर रहे हैं। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्लू) में इंस्पेक्टर पिता कुंवरपाल सिंह ने बिलखते हुए कहा कि मेरे रिटायरमेंट को छह माह रह गए थे। ‘अंकुर अब मुझे ड्यूटी पर कौन ले जाएगा’।

पिस्टल से सिर फोड़ा, सीने में दागी गोली
मेरठ। कार में सवार हत्यारों ने पहले अंकुर का पिस्टल की बट से सिर फोड़ा। उसके बाद सीने में गोली दागी। इसका खुलासा बुधवार को अंकुर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। पुलिस ने बताया कि अंकुर को एक गोली सीने में मारी गई। दूसरी दाहिने हाथ में। उसके सीने से 9 एमएम का बुलेट मिला है। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि अंकुर की हत्या में संभवत दो आरोपी होंगे। जिन्हें चश्मदीद ने भागते देखा है। घटनास्थल का मुआयना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कार में अंकुर से पहले मारपीट हुई है। अंकुर के शरीर पर आठ जगह चोट के निशान मिले है।

होमगार्ड भी भूमिका संदिग्ध
पुलिस ने बताया कि होमगार्ड संजय शर्मा की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस तरह से संजय ने घटनाक्रम बताया है, उसमें सवाल उठने लाजिमी हैं। हत्यारे अंकुर को गोली मारने के बाद कार की दोनों खिड़की खोलकर क्यों खड़े थे। होमगार्ड ने अंकुर को बचाने का प्रयास किया तो उसको पैर में गोली क्यों मारी। दूसरे चश्मदीद ने सिर्फ होमगार्ड को गोली मारते आरोपियों को देखा। ऐसे कई सवाल पुलिस ने होमगार्ड से पूछे।

चार घंटे रोजाना घूमने जाता था अंकुर
पुलिस के मुताबिक अंकुर रोजाना रात करीब आठ बजे घर से निकल जाता था और रात को 12 बजे के बाद लौटता था। रोजाना कौन से दोस्तों के पास वह बैठता था, इसकी जांच पड़ताल हो रही है। परिजनों ने बताया कि वह रोजाना अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़कर जाता था। यह बात पुलिस को हजम नहीं हो रही।

अतुल प्रधान एसएसपी से मिले
सपा नेता अतुल प्रधान बुधवार को पीड़ित परिवार को लेकर एसएसपी से मिले। उन्होंने बताया कि अंकुर के चाचा पूर्व ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। वह भी उनके परिवार से जुड़े हैं। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। एसएसपी ने एसपी देहात को बुलाया व परिजनों से बातचीत कर मामले का जल्द खुलासा कराने का आश्वासन दिया। शाम को एसपी देहात गंगानगर पहुंचे और पीड़ित परिवार से बातचीत की।
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