एनएच-58 बाईपास पर कश्मीरियों के खिलाफ होर्डिंग लगवाने वाले अमित जानी को शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। होर्डिंग में लिखा था कि कश्मीरियों उत्तर प्रदेश छोड़ो वरना...। सोशल मीडिया में इसका वीडियो वायरल होने पर गृह मंत्रालय तक हड़कंप मच गया था।
इंस्पेक्टर परतापुर दीपक शर्मा के मुताबिक उप्र नवनिर्माण सेना के संस्थापक अमित जानी ने बीती मंगलवार रात एनएच-58 पर वेदव्यासपुरी के सामने कश्मीरियों के खिलाफ होर्डिंग लगवाए थे। जिस पर अमित जानी के खिलाफ तुरंत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। शनिवार को सर्विलांस से सूचना मिली कि अमित जानी दिल्ली से स्कॉर्पियो गाड़ी से मेरठ आ रहा है। परतापुर बाईपास पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार ने मेरठ पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा था। जिसके बाद डीएम और एसएसपी भी शुक्रवार को कश्मीरी छात्रों से मिले थे।
गौरतलब है कि आरोपी अमित जानी लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा तोड़ने के आरोप में पहली बार विवादों में आया था। जेएनयू छात्रनेता कन्हैया की हत्या की सुपारी में भी वह और उसके साथी दिल्ली में हथियारों के साथ पकड़े गए थे। पूछताछ में अमित ने बताया कि कश्मीर में भारतीय सैनिक शहीद हो रहे हैं। इसको लेकर उसने कश्मीरियों के खिलाफ होर्डिंग लगवाए थे।