शव के पास ही एक सफेद रंग की सोनीपत नंबर की एचआर 10-एम- 6263 नंबर की कार मिली है। भोपा सीओ राम मोहन शर्मा ने बताया कि मृतका के फोटो को सोशल मीडिया पर डाला गया तो देर रात को उसकी पहचान साध्वी के रुप में हुई। वह मूलरूप से मुजफ्फरनगर के थाना छपार क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी। ग्रामीणों ने बताया कि वह करीब पंद्रह साल पहले साध्वी बन गई थी। जो भ्रमण पर रहती थी। वह कभी-कभी शुकतीर्थ भी आती जाती थी।
15 साल पहले छोड़ा था घर
गांव इलाहाबास निवासी ग्रामीण रामपाल ने मृतका का फोटो देखकर शिनाख्त की है। वह शुकतीर्थ में किसी आश्रम में रह रही थी, इसकी पुष्टि चौकी प्रभारी ने की है। छपार थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि उनके परिजनों और गांव वालों का कहना है कि वह 15 वर्ष पूर्व साध्वी बन कर शुकतीर्थ में चली गई थी। वहीं पर किसी आश्रम में रहती थी। उनके बारे में अधिक जानकारी परिजनों को भी नहीं है।
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