मेरठ। प्रेमिका, दौलत और सरकारी नौकरी पाने के लिए तरुण अपने पिता का कातिल बन गया। लेकिन इनमें से कुछ भी हासिल नहीं हुआ। उसको मिली तो सिर्फ जेल। कलियुगी बेटे की इस करतूत पर पूरा गांव सकते में है।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान के मुताबिक पोस्टमैन चंद्रपाल बहुत मेहनती थे। उन्होंने तरुण को पढ़ाया। तरुण को पालीटेक्निक पास कराई। सन 2016 में रामपुर में सीआरपीएफ की भर्ती में तरुण फिटनेस में फेल हो गया था। लेकिन प्रेमिका से शादी, दौलत और नौकरी की चाहत में उसने यह बात परिवार और ग्रामीणों से छुपा ली थी। वह लगातार झूठ बोलता रहा। उसने बाजार से सीआरपीएफ जैसी ड्रेस खरीदी, दो जोड़े स्टार, मोनोग्राम, बेल्ट, कैप, नेम प्लेट आदि भी मार्केट से खरीदी। इंटरनेट के जरिए फर्जी आईकार्ड भी बनवा लिया। ड्रेस पहनकर ही वो गांव से जाता और इधर-उधर समय बिताकर आ जाता था।
करीब डेढ़ साल से ये सब चल रहा था। गांव वाले भी उसे सीआरपीएफ का जवान मानने लगे। लेकिन उसके पिता चंद्रपाल जब उससे वेतन आदि के बारे में पूछते तो वोे बहानेबाजी कर टाल देता था। जिस कारण चंद्रपाल को तरुण पर शक होने लगा। तरुण को लगा कि कहीं उसके पिता सच्चाई का पता ना लगा लें। उसे लगने लगा कि यदि उसकी पोल खुल गई तो उसकी रिश्तेदार प्रेमिका भी उससे शादी नहीं करेगी और पिता भी अपनी जायदाद से निकाल सकते हैं। इसलिए उसने अपने दोस्त सनी के साथ मिलकर पिता की हत्या का प्लान बनाया।
पूरा भरोसा था नौकरी उसे ही मिलेगी
तरुण ने सनी को लालच दिया कि पिता की मौत के बाद उसे उसकी जगह मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिल जाएगी क्योंकि वो ही परिवार में सबसे पढ़ा लिखा है। साथ ही पिता की जायदाद से भी हिस्सा मिलेगा। उसने सनी को लालच देकर हत्या के प्लान में शामिल कर लिया।
पढ़ाई पूरी होने के बाद शादी का किया था वादा
तरुण ने प्रेसवार्ता में बताया कि परिवार और गांव वालों ने भी उसकी बातों पर भरोसा कर सीआरपीएफ का जवान मान लिया था। इसके बाद प्रेमिका से उसने शादी करने को कहा। लेकिन उसने पढ़ाई पूरी होने की बात कह दी थी, जिस कारण शादी नहीं हो सकी थी। वहीं, चर्चा यह भी है चंद्रपाल के साथ ही तरुण की प्रेमिका को भी शक था कि तरुण सीआरपीएफ की नौकरी में कुछ न कुछ गड़बड़झाला है। पुलिस के पूछने पर हत्यारोपी तरुण ने माना कि वो अपने किए पर शर्मिंदा है।
नहाकर आए थे इसलिए बच गए थे
पुलिस के अनुसार तरुण और उसका साथी वारदात के बाद गांव पहुंचे और शव मिलने के बाद भीड़ में शामिल होकर रोने का ड्रामा करने लगे। किसी को शक न हो, उसने ही शव उठाने को लेकर काफी हंगामा किया। जताया कि उसे पिता की मौत का कितना दुख है। पुलिस के अनुसार दोनों हत्यारोपी हत्या के बाद नहाकर मौके पर आए थे इसी वजह से मौके पर मौजूद डॉग स्क्वायड उनकी सूंघ नहीं ले सका था। वैसे भी वहां भीड़ काफी हो गई थी।
- सगे बेटे की करतूत से पूरा गांव सकते में