मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव के दौरान कमिश्नरी चौराहे पर पुलिस और भाजपाइयों में धक्की मुक्की हुई। विधायकों और सीओ के बीच तीखी झड़प हुई। दिन भर हंगामा हुआ व गहमागहमी का माहौल रहा। कई बार दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों में तनातनी भी हुई।
इस उपचुनाव में भाजपा की गुटबाजी भी सामने आयी। भाजपा के दोेनों गुटों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। दस दिनों से दोनों प्रत्याशियों के समर्थक एक दूसरे पर आरोप लगाकर मुकदमे दर्ज करा रहे थे। मतदान के दौरान बवाल होने का अंदेशा था, जिसको देखते हुए एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने बाहरी जिलों से भी फोर्स मंगवाई थी। सुबह 11 बजे मतदान शुरू हुआ, इससे पहले एसएसपी ने आरआरएएफ और पीएसी तैनात कर दी थी।
सुबह दस बजे ही एसएसपी कलक्ट्रेट पहुंच गईं। कमिश्नरी चौराहे से भी जिला पंचायत सदस्यों को पैदल आना था, इसे लेकर बेरीकैडिंग लगाई गई थी। सदस्यों के साथ वालों को कमिश्नरी पर रोकने का काम चल रहा था। कई बार सदस्यों के साथ भाजपा नेताओं ने मतदान केंद्र तक आने की जिद की। जिसको लेकर पुलिस और भाजपा नेताओं में धक्का मुक्की हो गई। सुबह से प्रत्याशी कुलविंदर सिंह और सपना हुड्डा के समर्थक वंदेमातरम व हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।
मुझे नहीं पता आप विधायक को
जिला पंचायत सदस्यों के साथ मतदान केंद्र पर जाने की जिद को लेकर भाजपा विधायक दिनेश खटीक, जितेंद्र सतवाई की सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी से तीखी झड़प और गालीगलौज तक हो गई। सीओ अड़ गए कि जिपं. सदस्यों के साथ कोई नहीं जाएगा। बाद में विधायकों ने अपने बारे में बताया, तब जाकर सीओ ने कहा कि मुझे थोड़ा पता है कि आप विधायक हो।
सदस्यों के अलावा सभी की नो एंट्री
कलक्ट्रेट को पुलिस ने छावनी बनाया हुआ था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा था। कमिश्नरी से मतदान केंद्र तक चार जगह बेरीकैडिंग लगी हुई थी। महिला पुलिस भी मौजूद थी। सदस्यों के अलावा किसी की एंट्री नहीं थी। एसएसपी खुद कलक्ट्रेट परिसर में फोर्स को दिशा निर्देश दे रही थीं कि सदस्य के अलावा कोई भी अंदर न आए।
दोनों प्रत्याशियों को छुड़वाओ
एसएसपी ने मतगणना के बाद एसपी क्राइम और एसपी देहात को निर्देश दिए कि हारे और जीते प्रत्याशियों को उनके घर तक सकुशल छुड़वाओ। एसएसपी ने कहा कि इस चुनाव में एसपी देहात की भूमिका महत्वपूर्ण थी, सबसे ज्यादा दबाव देहात का था। जोकि एसपी देहात ने सकुशल निपटा लिया। उसके बाद दोनों प्रत्याशियों को उनके घर तक पुलिस फोर्स की मौजूदगी में छुड़वाया गया।
तुम अनुज हो? तुम्हारा अपहरण हुआ था?
जिपं. सदस्य अनुज वाल्मीकि अपने साथी सदस्यों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। उनकी मुलाकात एसएसपी से हो गई। एसएसपी ने पूछा कि तुम ही अनुज हो? तुम्हारा ही अपहरण हुआ था? पहले वोट डाल आओ, फिर आपसे कई बातें पूछनी हैं। जिस पर अनुज मुस्कराते हुए अंदर चला गया।
खास बात:
- सुबह दस बजे से कलक्ट्रेट में फोर्स के संग मौजूद रहीं एसएसपी
- कमिश्नरी चौराहे पर सीओ व विधायकों के बीच हुई धक्कामुक्की
- मतगणना के बाद जीते और हारे प्रत्याशियों को घर तक भिजवाया