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अवैध हथियार सप्लाई करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार

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मेरठ। अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो की तलाश जारी है। इनके पास से दस पिस्टल और 15 मैगजीन बरामद हुई हैं। यह गिरोह बिहार के मुंगेर से हथियार लाकर मेरठ और आसपास के जिलों में सप्लाई करता है।
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एसएसपी मंजिल सैनी ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर वारदात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से सूचना मिल रही थी बाहर से कुछ अवैध हथियार मेरठ और आसपास के जिलों में बेचे जा रहे हैं। एसपी क्राइम शिवराम यादव और एसपी सिटी मानसिंह चौहान को गिरोह को पकड़ने के निर्देश दिए थे। शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर संजीव यादव और सिविल लाइन इंस्पेक्टर धीरज शुक्ला ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गये आरोपी मुनीर पुत्र कामिल निवासी रार्धना इनायतपुर थाना किठौर हाल पता समर गार्डन लिसाड़ीगेट और नाजिम पुत्र बाले उर्फ इकबाल निवासी नरहाड़ा थाना खरखौदा हैं। जावेद पुत्र उस्मान निवासी रार्धना और हाजी जुल्फकार उर्फ जुल्फी पुत्र इंसाफअली निवासी रार्धना फरार हैं। यह गिरोह मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली में छह माह में 60 से 70 हथियार बेच चुका है।

ऑन डिमांड मंगाये जाते हैं हथियार
आरोपी मुनीर ने बताया कि वह समर गार्डन में किराए पर रहता है। जावेद पुत्र उस्मान व हाजी जुुल्फकार दोनों गांव के रहने वाले हैं, जो ब्रह्मपुरी और लिसाड़ीगेट में किराए पर रहकर अवैध हथियार सप्लाई करते हैं। कई सालों से ऑटोमेटिक असलाह सप्लाई का धंधा चला रहे हैं। मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली से अवैध हथियार के मामले में जेल भी जा चुके हैं। मुनीर ने बताया कि छह माह से वह अपने साथी नाजिम के साथ जावेद व जुल्फकार को हथियार सप्लाई कर रहे हैं। बिहार के मुंगेर से आन डिमांड असलाह लाये जाते हैं। बाद में उनपर पालिश कराकर 25 से 50 हजार रुपये में बेचते हैं। एक असलाह पर दो हजार से पांच हजार रुपये मिलते हैं।
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कोडवर्ड में की जाती है बात
मुनीर और नाजिर ने बताया कि गिरोह में सात आठ युवक शामिल हैं। मोबाइल पर बात इसलिए नहीं करते कहीं पुलिस उनके फोन सर्विलांस पर लेकर रेकी न कर ले। इस लिए कोडवर्ड में बात करते हैं। मुंगेर में कई ऐसी जगह हैं जहां कई प्रकार के हथियार बनते हैं जैसे हथियार की डिमांड होती है, वैसा ही हथियार वहां से लाया जाता है। पहले काले कार्बन में लपेटकर उसके ऊपर कपड़ा लपेटा जाता है। बाद में ट्रेन और बस में कपड़े की गठरी के बीच में रखकर लाते हैं।

रार्धना के सप्लायरों की तोड़ी जाए कमर
एसएसपी ने एसपी क्राइम को निर्देश दिए हैं कि किठौर क्षेत्र के रार्धना में बड़ी संख्या में अवैध हथियार लाकर सप्लाई किये जाते हैं। पहले भी कई बड़े गिरोह इसी गांव के पकड़े जा चुके हैं। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि पार्ट्स लाकर भी अवैध हथियार रार्धना में बनाये जाते हैं। इस गांव में पिछले पांच साल में हथियारों के साथ पकड़े जाने वाले बदमाशों की जांच पड़ताल कर बदमाशों की कमर तोड़ने के निर्देश दिए हैं।

ऊधम गैंग को भी किए थे सप्लाई
मुनीर और नाजिम ने बताया कि एक साथ मुंगेर से आठ से दस असलाह लाये जाते हैं, उसके बाद उन्हें लिसाड़ीगेट या रार्धना में रख दिया जाता है। जिस भी शूटर को जरूरत होती है उसे उसी स्थान पर पहुुंचाया जाता है। दो माह पहले ऊधम गैंग के दो शूटरों को कंकरखेड़ा में भी 40-40 हजार रुपये में पिस्टल बेची गईं थी।
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