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फरार बंदी का सुराग नहीं, खुला फरारी का राज

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मेरठ। जिला जेल के कृषि फार्म से फरार हुए बंदी संदीप का पुलिस तीन दिन बाद भी सुराग नहीं लगा पाई। उधर, पुलिस की जांच और संदीप की तथाकथित पत्नी मनीषा से पूछताछ के बाद इस फरारी का जो राज खुला है, उससे किसी वारदात का अंदेशा बढ़ गया है।
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पुलिस के मुताबिक मनीषा से पूछताछ की गई कि जब संदीप की जमानत तीन या चार दिन में होने वाली थी, तो वह जेल से क्यों भागा। जिस पर मनीषा ने बताया कि संदीप उसका दूसरा पति हैं। पहला पति अजय निवासी मेडिकल चोरी के मामले में छह माह से जेल में बंद था। चार दिन पहले ही अजय जेल से छूटा था। संदीप को अंदेशा था कि कहीं अजय उसकी पत्नी को घर से न ले जाए, इसलिए वह जेल से भागा है।
मनीषा का दावा है कि उसको पहले पति अजय से तीन बच्चे हैं, जो मेरे साथ रहते हैं। 11 साल पूर्व अजय से तलाक हो चुका हैं। तभी से वह संदीप के घर उसके साथ रहती है। संदीप ही उसका पति हैं। अजय से कोई मेरा लेना देना नहीं हैं। लेकिन मैंने अभी उससे कोर्ट मैरिज नहीं की। पुलिस को अंदेशा है कि इस प्रेम प्रसंग के झंझट में संदीप किसी वारदात को अंजाम न दे दे।
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कहीं हम न फंस जाए
संदीप भावनपुर या आसपास में ही छिपा हो सकता हैं। बुधवार को पुलिस भावनपुर व आसपास के गांवों में पूछताछ करने पहुंची। लोग यही कहते नजर आए कि कहीं हम न फंस जाए इसलिए कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने संदीप के रिश्तेदारों के घर पर भी दबिश दी, लेकिन सुराग नहीं लगा।
बंदी रक्षकों पर होगी कार्रवाई
जेल वरिष्ठ अधीक्षक संतलाल यादव का कहना है कि संदीप जेल से बंदी रक्षकों की लापरवाही से भागा है। इस मामले में विभागीय जांच रही हैं। संदीप जल्द गिरफ्तार नहीं हुआ तो बंदी रक्षकों को गिरफ्तार कराया जाएगा।
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