प्रेम विवाह के बाद दूसरी पत्नी की कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। पत्नी की गला काटकर हत्या करने के आरोपी पति तैयब को एडीजे/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने उम्रकैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। घटना पांच साल पहले खरखौदा थाना क्षेत्र में घटी थी।
सरकारी अधिवक्ता शुचि शर्मा ने बताया कि थाना खरखौदा में रेशमा पत्नी अजर ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी ननद इमराना का प्रेम विवाह तैयब पुत्र चांद निवासी ए-वन कॉलोनी खरखौदा के साथ साल 2013 में हुई थी। तैयब की पहली पत्नी चांदनी भी मौजूद थी। इमराना का घरेलू बातों को लेकर तैयब से झगड़ा होता था और वह शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता था। चार अक्तूबर 2014 की रात इमराना दिल्ली से अपने मकान कांशीराम कॉलोनी में पति के साथ आयी थी। तैयब सुबह घर पर आया और कहने लगा कि इमराना मुसीबत में है, उसे निकाहनामा व 10 हजार रुपये दे दो। तैयब निकाहनामा व रुपये लेकर चला गया। इमराना की मुसीबत की बात सुनकर हम परिवार के लोग उसके मकान पर पहुंचे। वहां इमराना की लाश पड़ी थी। इमराना की गर्दन किसी ने धारदार हथियार से काट दी थी। तैयब मौके से फरार था। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज होने पर पुलिस ने तैयब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तैयब ने पुलिस की पूछताछ में गला काटने की बात स्वीकार की थी। जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया तथा आला कत्ल भी तैयब से बरामद हुआ था। इस मामले की सुनवायी अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट मौहम्मद गुलाम उल मदार के न्यायालय में की गई। जहां पर सरकारी वकील शुचि शर्मा नेे रेशमा, अजर, इरशाद सहित नौ गवाह न्यायालय में पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर अदालत ने हत्यारे पति तैयब को सजा सुनाई।