कंकरखेड़ा। छेड़छाड़ के मामले में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के बाद भी बेटे को न छोड़ने का आरोप लगाकर एक महिला ने कंकरखेड़ा थाने में बखेड़ा कर दिया। सूचना पर सीओ दौराला ने थाने पहुंचकर महिला के बयान दर्ज किए। साथ ही पुलिसकर्मियों को फटकार लगा दी। बाद में बेटे को छोड़ दिया गया।
मामला मंगलवार रात करीब 9:30 बजे का है। थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने सीओ दौराला पंकज सिंह को बताया कि दो दिन पूर्व क्षेत्र की एक किशोरी ने उसके दो बेटों पर टेंपो से अपहरण कर गैंगरेप करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो मामला छेड़छाड़ का निकला था। पुलिस ने उसके एक बेटे लोकेश को ही मुख्य आरोपी मानकर छेड़छाड़ में केस दर्ज किया था। लेकिन उसके पकड़े न जाने पर लोकेश के दो भाइयों को पुलिस घर से उठा लाई। महिला का आरोप है कि थाना पुलिस ने 10 हजार रुपये लेने के बावजूद एक बेटे को तो छोड़ दिया, जबकि दूसरे बेटे को थाने में ही बैठा रखा है। पुलिसकर्मियों द्वारा टालमटोल करने पर महिला ने इसकी शिकायत आला अधिकारियों से कर दी।
सीओ दौराला ने इस संबंध में बताया कि इस संबंध में महिला के बयान दर्ज कराने के बाद थाने के मुंशी, होमगार्ड और अन्य पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। वे खुद इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीओ ने मुंशी और पुलिसकर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा कि किसी आरोपी को पकड़ने या छोड़ने का काम विवेचक का है। यह उसका काम है कि वह जांच के बाद किसको छोड़े और किसे कोर्ट में पेश करे।
खास बातें:
महिला का आरोप, रिश्वत लेकर भी नहीं छोड़ा उसका बेटा
सीओ दौराला ने थाने पहुंचकर किए बयान दर्ज, लगायी फटकार