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बैग लेकर पहुंचता बदमाश, इसलिए रोका था राठी का काफिला

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मेरठ। बागपत जेल से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल के लिए चले कुख्यात सुनील राठी के काफिले को शनिवार को मेरठ कैंट में रोकने के मामले में नया बात सामने आयी है। मेरठ के एक बदमाश को राठी के पास एक बैग लेकर पहुंचना था। जिसका करीब पांच से छह मिनट तक माल रोड पर इंतजार किया गया था। लेकिन उस बदमाश के तब तक न आने और इस बीच अमर उजाला का कैमरा चलने पर पुलिसकर्मियों में आपाधापी मच गई थी। पुलिसकर्मी राठी को लेकर वहां से निकल गए थे।
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पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या करने के आरोपी सुनील राठी को शनिवार को यूपी की फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। इस दौरान कुख्यात राठी को कड़ी सुरक्षा के बीच बागपत से वाया मेरठ कैंट ले जाया जा रहा था तो कैंट में माल रोड पर इलाहाबाद बैंक के पास इसे करीब पांच से छह मिनट तक रोका गया था। पहले सुना गया था कि इस दौरान एक संदिग्ध युवक की राठी से करीब दो मिनट तक बातें हुईं थीं। लेकिन रविवार को चर्चा रही कि यह युवक करीब 5-6 मिनट तक राठी के पास रुका था। बताया गया कि इस युवक के साथी को एक बैग लेकर पहुंचना था। यह बैग राठी को फतेहगढ़ जेल लेकर जाना था। इसलिए इस युवक ने बैग आने की बात कहकर काफिला रुकवा रखा था।
बैग में क्या था, कौन जाने
बैग में क्या सामान था, इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है। बताया गया कि कैंट इलाके की एक दुकान से कुछ सामान खरीदकर भी बैग में रखा गया था। कोई अनहोनी न हो इसलिए लालकुर्ती थाने के पास ही सुनील राठी की गाड़ी को रोका गया था। लेकिन इस बीच मीडियाकर्मी वहां पहुंच गए थे।
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बैग का तो बहाना था
पुलिस अधिकारी पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि बैग का तो बहाना था। जिस बदमाश को बैग पहुंचना था, उसे सुनील राठी से काफी महत्वपूर्ण बात करनी थी। कहीं ऐसा तो नहीं कि यह अपराधी सुनील राठी से बात करने की फिराक में हो। क्योंकि इन हालात में बागपत जेल में उससे मिलना आसान नहीं था और जेल में मिलने वालों पर अफसरों की नजर भी थी। इसलिए बैग के बहाने पूरा प्रपंच रचा गया हो।
कुख्यात का तगड़ा नेटवर्क
पुलिस की मानें तो सुनील राठी का बागपत जेल में सिक्का चलता था। राठी का उत्तराखंड से बागपत तक तगड़ा नेटवर्क बताया गया। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से तो कई बड़े बदमाश दहशत में हैं। इतना संवेदनशील मामला होने के बावजूद भी राठी की शिफ्टिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने काफी बड़ा खतरा मोल लिया। जो समझ से परे है। इस दौरान कोई अनहोनी भी हो सकती थी। इस मामले में कई पुलिसकर्मियों की भूमिका भी घेरे में है।
पिस्टल में आ रहा सप्लायर का नाम
पुलिस यह भी मान रही है कि जिस पिस्टल से मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या की गई है। उसमें मेरठ देहात क्षेत्र के एक सप्लायर का नाम सामने आ रहा है। यह सप्लायर अवैध हथियारों की तस्करी में जेल भी जा चुका है।
पूरा मामला बागपत का
बागपत जेल से ही सुनील राठी को शिफ्ट किया गया था। यह पूरा मामला बागपत पुलिस से जुड़ा है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। -राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी मेरठ
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खास बातें:
कुख्यात सुनील राठी का कैंट में माल रोड पर काफिला रोकने का मामला
सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इंतजार के बाद भी बदमाश के न आने और कैमरा चलने पर मची थी अफरातफरी
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