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कृषि विवि में पीएचडी के छात्र ने की आत्महत्या

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मोदीपुरम (मेरठ)। कृषि विश्वविद्यालय में पीएचडी के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र ने 12 पेज के सुसाइड नोट में एग्रोनॉमी के प्रोफेसर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। विवि में करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद कुलपति ने आरोपी प्रोफेसर को सस्पेंड करते हुए केवीके बुलंदशहर से अटैच कर दिया है। वहीं, सात सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। मृतक छात्र के चाचा वेदपाल सिंह ने सोमवार देर रात आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ थाना दौराला पर मुकदमा दर्ज करा दिया।
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पुलिस के अनुसार ऊन, शामली निवासी राहुल चौधरी (25) पुत्र राजपाल सिंह कृषि विवि से एग्रोनॉमी (शस्य विज्ञान) में पीएचडी कर रहा था। राहुल के माता-पिता की मौत हो चुकी है। वह विवि के डॉ. हरगोविंद खुराना हॉस्टल के रूम नंबर जीएफ 9 में रहता था। आरोप है कि एग्रोनॉमी के प्रो. राजवीर सिंह ने उसका उत्पीड़न कर रखा था। शोध कार्य पूरा न होने के चलते राहुल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार दोपहर करीब दो बजे केयरटेकर अविनाश राहुल के कमरे में पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद था। उसने खिड़की से देखा तो राहुल का शव पंखे से लटका देख शोर मचा दिया। जिसके बाद कुलपति डॉ. गया प्रसाद, डीएसडब्लू डॉ. अनिल सिरोही, सुरक्षाधिकारी वीके कटारिया और छात्र पहुंच गए।
मौत के विरोध में बरपा हंगामा
सूचना पर पहुंचे सीओ दौराला विजय प्रकाश ने गेट तोड़कर शव कब्जे में लेना चाहा तो उनकी छात्रों से नोकझोंक हो गई। लेकिन सीओ ने छात्रों को समझाबुझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तभी एबीवीपी के प्रदेश प्रमुख उत्तम सैनी, विपुल राय, अंशुल गुप्ता, अंकित, अभिषेक, विनोद, अर्पित आदि पहुंच गए और उनकी वीसी से नोकझोंक और पीआरओ रितुल सिंह से धक्कामुक्की हो गई। इस बीच एसडीएम सरधना राकेश कुमार और सपा नेता अतुल प्रधान भी वहां पहुंचे तो अतुल प्रधान और एक डीन के बीच झड़प और गालीगलौज हो गई। इस दौरान छात्र नेता मोहित चौधरी, एनएएस कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष सौरभ, सुमित, आकाश, अनुज, शेखर जेवरी, आदेश प्रधान, विनोद, असीम, अंकित, नितिन आदि मौजूद रहे।
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छात्रों ने जड़े प्रोफेसरों पर संगीन आरोप
सभाकक्ष में कुलपति, सीओ, एसडीएम और सपा नेता के सामने विवि के छात्रों ने प्रोफेसरों पर संगीन आरोप लगाते कहा कि विवि में जाति और धर्म के नाम पर छात्र-छात्राओं को नंबर दिए जाते हैं। प्रोफेसर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हैं। छात्राओं पर भी अभद्र टिप्पणी की जाती हैं। छात्रों के आरोप सुनकर एसडीएम, सीओ और सपा नेता दंग रह गए। अतुल प्रधान और छात्र राहुल के परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और आरोपी प्रोफेसर को सस्पेंड कर गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। वीसी ने आश्वासन दिया तो अतुल प्रधान ने दो दिन में कार्रवाई न होने पर विवि को बंद कराने की चेतावनी दे दी।
सर! मैं मर जाऊंगा, मेरी बात सुन लो
छात्रों ने आरोप लगाते बताया कि पांच दिन पूर्व राहुल ने प्रोफेसर से कहा था कि सर मैं बहुत परेशान हूं। मेरा शोध कार्य पूरा करा दो, नहीं तो मैं मर जाऊंगा। लेकिन प्रोफेसर ने उसे जातिसूचक शब्द कहते हुए मर जाने को कह दिया। छात्र ने रजिस्ट्रार से भी लिखित शिकायत की थी। यह विवि प्रशासन की लापरवाही है। अगर समय से सुनवाई हो जाती तो राहुल जान न देता।
सुसाइड नोट में लिखी दास्तां
पुलिस के अनुसार छात्र राहुल ने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं जब इस यूनिवर्सिटी में आया था तो बहुत खुश था। लेकिन यहां आने के कुछ दिनों बाद एग्रोनॉमी विभाग के दो प्रोफेसर जाट जाति के छात्रों को पसंद नहीं करते। प्रो. राजबीर सिंह छात्रों का उत्पीड़न करते हैं।
यह बोले विवि के वीसी
कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने कहा कि इस दु:ख की घड़ी में विवि प्रशासन छात्र के परिजनों के साथ है। प्रो. राजवीर को सस्पेंड करते हुए केवीके बुलंदशहर से अटैच कर दिया गया। उनसे शिक्षण कार्य और पीसीपी इंचार्ज का काम वापस ले लिया गया है। डीन डॉ. एनसी राणा के नेतृत्व में सात सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। रिपोर्ट मिलने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। छात्रों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी भी गंभीरता से जांच होगी।
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खास बात
- 12 पेज के सुसाइड नोट में एग्रोनॉमी के प्रोफेसर पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
- वीसी ने आरोपी प्रोफेसर को सस्पेंड किया, सात सदस्यीय जांच कमेटी गठित
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