जेल से भागे संदीप ने गैंग के साथ खोदी थी बैंक में सुरंग
मेरठ। दिल्ली रोड स्थित यूनाइटेड बैंक में सुरंग बनाकर हुई चोरी का मंगलवार को खुलासा हो गया। पुलिस के अनुसार 28 अगस्त को जेल से भागे बंदी संदीप ने अपने साले और दो साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। मास्टर माइंड जीजा-साला फरार हैं, जबकि दोनों आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार हुए हैं।
स्टडी के बाद चला पता
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस ने जिले में इस तरह की पूर्व में हुई घटनाओं की स्टडी की तो पता चला कि कई वारदात भावनपुर क्षेत्र के जागीर मोहल्ला निवासी संदीप गैंग ने की थीं। संदीप के साथ उसका साला चिंटू पुत्र फुस्सन निवासी लडपुरा, नई बस्ती टीपी नगर निवासी सुरेंद्र और सुशील निवासी शास्त्रीनगर भी वारदात करते थे। ये तीनों वारदात वाले दिन से ही गायब थो। सोमवार देर रात सुरेंद्र और सुशील को गिरफ्तार कर लिया गया।
मोटी रकम जुटानी थी
पूछताछ में पता चला कि संदीप को घर खर्च और केस की पैरवी के लिए मोटी रकम जुटानी थी। इसलिए वह जेल से भागा था। उसने अपने साले और साथियों के साथ मिलकर मलियाना में बैंक लूटने की प्लानिंग की थी।
चिंटू ने अकेले खोदी थी सुरंग
एसओ टीपी नगर के अनुसार 18 सितंबर की रात करीब 3:30 बजे चारों बदमाश बैंक के बाहर पहुंचे। सुशील और चिंटू नाला खोदने के लिए रुक गए, बाकी दोनों चले गए। चिंटू ने छैनी हथौड़े और खुरपे से खुदाई की। सुशील उसे टॉर्च दिखाता रहा। खुदाई की मिट्टी चिंटू नाले में डालता रहा। उस दिन उन्होंने बैंक की नींव तक खुदाई की। 19 सितंबर की रात 3:30 बजे संदीप इंडिका कार में बाकी तीनों को लेकर आया। चिंटू और सुशील को बैंक के बाहर छोड़कर संदीप और सुरेंद्र दूर गाड़ी लेकर खडे़ हो गए। चिंटू ने नींव के ऊपर बैंक का फर्श तोड़ा और अंदर घुस गया। सुशील सुरंग में ही रहा। डेढ़ घंटे तक चिंटू ने बैंक को खंगाला। उसने बैंक के कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क और सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर एक थैले में लाकर संदीप को दे दी।
इसलिए निकाली हार्ड डिस्क
पुलिस के अनुसार चिंटू ने बैंक में स्ट्रांग रूम तोड़ने की कोशिश की। लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि वह इतना मजबूत होगा। उसने अलमारियों में स्ट्रांग रुम की चाबी तलाशी। कैश भी ढूंढा। असफल रहने पर उसने कैमरे में फोटो आने के डर से कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क और सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर निकाल ली थी। चिंटू स्क्रू ड्राइवर किट लेकर गया था। जिससे उसने पांचों हार्ड डिस्क निकाली।
सुरंग खोदने में माहिर नाटा चिंटू
पुलिस के अनुसार चिंटू सुरंग खोदने में माहिर है। वह पहले भी ऐसी वारदात कर चुका है। उसकी लंबाई पांच फीट के आसपास है। इस कारण वह सुरंग में आसानी से घुस जाता है।
गले नहीं उतर रहा वन मैन शो
पुलिस का यह खुलासा वन मैन शो रहा। एक ही बदमाश ने छैनी, खुरपे से दो घंटे में 15 फीट की सुरंग खोदी। वहीं बैंक में घुसा। उसने अकेले ही स्ट्रांग रूम का गेट तोड़ने की कोशिश की। डेढ़ घंटे तक सब कुछ खंगाला। लेकिन सफलता न मिलने पर अंकेले ही पांचों कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क और डीवीआर निकाल ली। यानी छैनी और खुरपे चलाने वाला चिंटू आईटी एक्सपर्ट भी है, जो बड़ी सफाई से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी निकाल लेता है। बड़ा सवाल है कि बाकी बदमाश क्या करते रहे। उनकी इसमें क्या भूमिका रही। पूर्व में इस तरह की बड़ी घटनाएं करने वाले यहां कैसे गच्चा खा गए।
बरामदगी न होने पर उठे सवाल
खुलासा करने वाली दोनों आरोपियों से कुछ बरामद तक नहीं कर पायी, जो संदेह पैदा करता है। आरोपियों तक पुलिस के पहुंचने की कहानी भी समझ नहीं आ रही है। एसओ टीपी नगर का दावा है कि चोरी की हार्ड डिस्क, डीवीआर, छैनी, हथौड़ा, टॉर्च आदि सभी सामान संदीप के पास है। चिंटू और संदीप की गिरफ्तारी के बाद बरामदगी हो जाएगी।
पुलिस की यह कैसी तलाश
जेल से फरार संदीप की तलाश में एक महीने से पुलिस लगी है। लेकिन इसके बावजूद वह पुलिस की आंखों में धूल झाेंककर बैंक में सुरंग खुदवा गया। ये वारदात पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा रही है। सवाल उठता है कि आखिर संदीप खुले में घूमता रहा और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
आरोपियों द्वारा पूर्व में की गई वारदात
2013 में जानी के धौलड़ी में इलाहाबाद बैंक में नकब लगाकर चोरी। इसमें चिंटू और सुरेंद्र शामिल थे। इसमें घटना का करीब आठ किलो चांदी और 700 ग्राम सोना बरामद हुआ था।
2013 में रेलवे रोड में नकब लगाकर मकान में चोरी का प्रयास, इसमें चिंटू और सुरेंद्र शामिल थे।
2016 में हस्तिानापुर में जिला सहकारी बैंक में नकब लगाकर चोरी का प्रयास, इसमें चिंटू और संदीप शामिल थे। इसमें कुछ न मिलने पर सीसीटीवी और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क निकालकर बदमाश ले गए थे।
2013 में ब्रह्मपुरी दिल्ली रोड पर एटीएम काटने का प्रयास किया था, इसमें सुशील शामिल था।
2015 में मेडिकल क्षेत्र में किराना स्टोर में सुरंग बनाकर चोरी की थी। इसमें चिंटू, सुरेंद्र और सुशील शामिल थे।