अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार को एक टेंपो को सीज कर बजरंग दल के कार्यकर्ता को पीटा और फिर उसके खिलाफ केस दर्ज कर सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया। इस पर बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक बलराज डूंगर और हिंदू संगठन के सुदर्शन चक्र महाराज ने कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया। साथ ही पुलिस हिरासत से कार्यकर्ता को छुड़ा लिया। इस दौरान पुलिस से धक्कामुक्की और तीखी झड़प भी हुई है। एसपी सिटी व एएसपी कैंट ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर शांत किया।
सिविल लाइन थानाक्षेत्र के पांडवनगर निवासी संजय सिंह टेंपो लेकर बेगमपुल से घर लौट रहे थे। कमिश्नर आवास चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के एचसीपी नरेश पाल ने टेंपो को रोक लिया। संजय से कागज मांगे तो उसने अपने बेटे विपिन को फोन करके घर से कागज लाने को कहा। इससे पहले विपिन टेंपो के कागज लेकर चौराहे पर पहुंचता कि ट्रैफिक पुलिस टेंपो पुलिस लाइन स्थित ट्रैफिक कार्यालय ले गई। विपिन बजरंग दल के कार्यकर्ता हैं और उन्होंने अपना परिचय देते टेंपो छोड़ने की बात कही।
इस पर विपिन और ट्रैफिक पुलिस में तीखी झड़प हो गई। आरोप है कि एचसीपी पुष्पेंद्र कुमार समेत आठ पुलिसकर्मी ने विपिन को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। ट्रैफिक के पुलिसकर्मी ललित कुमार की तरफ से विपिन के खिलाफ अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लेकर सिविल लाइन थाने में केस दर्ज करा दिया। सिविल लाइन थाने की पुलिस ने विपिन को हिरासत में ले लिया। इससे गुस्साए बजरंग दल और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और हंगामा कर दिया।
इंस्पेक्टर से हाथापाई, तीखी झड़प
बलराज डूंगर और सुदर्शन चक्र महाराज ने इंस्पेक्टर सिविल लाइन अमरेश सिंह बघेल से कार्यकर्ता को बेकसूर बता उसे गिरफ्तार करने की बात पूछी। इंस्पेक्टर के व्यवहार को देखकर बजरंग दल कार्यकर्ता भड़क गए। इंस्पेक्टर से हाथापाई तक हो गई। जैसे तैसे कर बलराज डूंगर व सुदर्शन चक्र महाराज ने स्थिति को कंट्रोल किया। पुलिस के आला अधिकारियों को थाने बुलाने की मांग करते कार्यकर्ता थाने में धरना देकर बैठ गए। इसी दौरान कार्यकर्ता थाने में बंद कार्यकर्ता विपिन को पुलिस कस्टडी से छुड़ाकर धरने में ले आए।
मुल्जिम कार्यकर्ता नहीं पुलिस है
पुलिस कस्टडी से विपिन को छुड़ाने पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और इंस्पेक्टर में जमकर बहस भी हुई। इंस्पेक्टर बोले, इसे छोड़ों यह मुल्जिम है। इतना कहते ही कार्यकर्ता बोले कि मुल्जिम यह नहीं आप और आपकी पुलिस है। एक बेकसूर को पीटते हो, झूठा केस दर्ज कराते हो और फिर उसको मुल्जिम बताते हो। पुलिस ने विपिन को वापस छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर को फोन किया गया था, लेकिन उन्होंने ठीक से बात नहीं की। इससे पहले भी इंस्पेक्टर कार्यकर्ताओं से अभद्रता कर चुके हैं।
दो घंटे बाद मामला हुआ शांत
सूचना पर एसपी सिटी मानसिंह चौहान, एएसपी कैंट अंकित मित्तल समेत कई थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। एसपी सिटी और एएसपी ने कार्यकर्ताओं को समझाया। करीब दो घंटे की गहमागहमी के बाद मामला शांत हुआ। एसपी सिटी ने ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ तहरीर लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। विपिन को सुपुर्दगी में देने की बात कही।
इंस्पेक्टर व एसओ गंगानगर में खींचातानी
मामले को तूल पकड़ते देखकर एसओ गंगानगर आशुतोष कुमार इंस्पेक्टर अमरेश सिंह को समझाने के लिए वहां से हटाने लगे। जिस पर अमरेश सिंह एसओ से ही भिड़ गए। इंस्पेक्टर बोले कि मै यहां से नहीं हटूंगा। मेरी कोई भी गलती नहीं है। मेरे साथ बजरंग दल के कार्यकर्ता अभद्रता और गाली गलौज करें और मै यहां से हट जाऊं। ऐसा नहीं हो सकता।
गोली मरवा दूं इंस्पेक्टर को
एक तरह बजरंग दल के कार्यकर्ता इंस्पेक्टर सिविल लाइन पर भड़क रहे थे और दूसरी तरफ इंस्पेक्टर भी शांत होने को तैयार नहीं थे। इंस्पेक्टर का गुस्सा देखकर एसपी सिटी भी भड़के और बोले कि मैं यहां से जा रहा हूं, तुम ही मामला संभालो। एएसपी ने एसपी सिटी को समझाया। इसी दौरान एक कार्यकर्ता ने एसपी सिटी से कहा कि इंस्पेक्टर को यहां से हटवा दो। जिस पर एसपी सिटी बोले कि इंस्पेक्टर को गोली मरवा दूं। बजरंग दल के कार्यकर्ता तो शांत नहीं हो रहे। दोनों शांत होंगे, तभी तो कुछ बोला जाएगा।
वर्दी उतरवाने की धमकी दी
बजरंग दल के कार्यकर्ता पहले पुलिस लाइन में आए थे। कार्यकर्ताओं ने ट्रैफिक पुलिस से अभद्रता करते हुए वर्दी उतरवाने की धमकी दी थी। कार्यकर्ता के साथ मारपीट करने का आरोप गलत है। हालांकि कार्यकर्ताओं के द्वारा लगाए आरोपों की जांच कराई जाएगी। संजीव वाजपेयी, एसपी ट्रैफिक
जांच के कार्रवाई होगी
ट्रैफिक पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच के बाद ही कार्रवाई करेंगे। कार्यकर्ता को सुपुर्दगी में दिया है और उनका टेंपो भी पुलिस लाइन से छुड़वाया गया है। मंजिल सैनी दहल, एसएसपी
खास बात
ट्रैफिक पुलिस ने कार्यकर्ता की पिटाई करके उसे थाने में बंद किया था
पुलिस से धक्कामुक्की, इंस्पेक्टर को कार्यकर्ताओं ने सुनाई खरीखोटी