मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भूमाफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करा रहे हैं। लेकिन परतापुर में भूमाफियाओं ने कानून व्यवस्था को धता बता दिया। जिस शेल्टर हाउस का मुख्यमंत्री ने छह जनवरी को मोहिउद्ीनपुर शुगर मिल में कार्यक्रम के दौरान शिलान्यास किया था, उसकी दीवार भूमाफियाओं ने तोड़ दी। परतापुर इंस्पेक्टर पूरा मामला दबाने में लगे रहे। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर इंस्पेक्टर को तलब कर लिया गया।
परतापुर के शंकर नगर फेस-2 (बराल परतापुर) में नगर निगम की जमीन पर डूडा द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत 178 लाख रुपये की लागत से आश्रय गृह शेल्टर हाउस का निर्माण किया जा रहा है। छह माह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस शेल्टर हाउस का लोकार्पण किया था। यहां आलीशान भवन तैयार हो चुका है। जिस पर कुछ भूमाफियाओं के कब्जा करने की कोशिश की जा रही हैं।
शेल्टर हाउस की दीवार को तोड़कर अपनी जगह आगे बढ़ा ली गयी। शेल्टर हाउस की दीवारों पर निगम के द्वारा भगवा रंग किया गया था भूमाफियाओं ने भगवा रंग को हटाकर पीला रंग पोत दिया। क्षेत्रीय लोगों को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने नगर निगम से इसकी शिकायत की। शनिवार को निगम के लेखपाल प्रह्लाद सिंह मौके पर पहुंचे तो कब्जे की बात सही निकली। प्रह्लाद सिंह ने बताया कि कुछ लोगों के द्वारा शेल्टर हाउस की दीवार को तोड़कर कब्जा किया जा रहा है। बाद में सदर तहसील की टीम भी मौके पर पहुंची। जिसमें टीम ने उच्च अधिकारियों से कहा कि शेल्टर हाउस के बराबर में काटी गयी एक कालोनी के मालिक के द्वारा कब्जा किया जा रहा है। परतापुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
लखनऊ तक पहुंचा मामला
इस मामले में परतापुर पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। कुछ लोगों ने तहसील और निगम की टीम को बताया कि जो लोग अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, उनका परतापुर थाने में आना-जाना है। ऐसे में परतापुर पुलिस सोती रही और भूमाफियाओं द्वारा दीवार तोड़ दी गई। शनिवार को यह मामला लखनऊ तक पहुंच गया। जिसके बाद परतापुर थाने के इंस्पेक्टर को तलब कर लिया गया।
कड़ी कार्रवाई कर रहे
शेल्टर हाउस की दीवार तोड़ने का मामला संज्ञान में आया है। इस मामले में भूमाफियाओं के खिलाफ जांच कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। -रणविजय सिंह, एसपी सिटी
खास बातें:
शेल्टर हाउस की दीवार तोड़ने के मामले में परतापुर पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल