मेरठ। भारत बंद के दौरान दो अप्रैल को शहर में उपद्रव कराने के आरोपी बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा समेत 90 आरोपियों के खिलाफ सोमवार को एसीजेएम-10 कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। करीब 200 पेजों की चार्जशीट में योगेश वर्मा की दो अप्रैल को हुई हिंसा में कंकरखेड़ा कस्बा और एनएच-58 पर मौजूदगी बतायी गई। इस बवाल में अलग-अलग थानों में उपद्रव से संबंधित 98 मुकदमे दर्ज हुए। जिनमें करीब 700 आरोपी नामजद और 5500 अज्ञात हैं। योगेश वर्मा समेत 198 आरोपी इस समय जेल में हैं।
हिस्ट्रीशीट और आपराधिक रिकार्ड
सीओ दौराला/एसआईटी पंकज सिंह के अनुसार योगेश वर्मा पर पूर्व में संगीन धाराओं में 19 मामले दर्ज थे। दौराला थाने में योगेश की हिस्ट्रीशीट (143-ए) खुली थी। बाद में पुलिस ने इसकी निगरानी बंद कर दी। दो अप्रैल को हुए बवाल में कंकरखेड़ा, मेडिकल और सिविल लाइन थाने में योगेश वर्मा पर उपद्रव के एक दर्जन और मामले दर्ज हुए। जिसके बाद पल्लवपुरम थाने में योगेश की हिस्ट्रीशीट (18-ए) फिर से खोल दी गई। चार्जशीट में पुलिस ने दोनों हिस्ट्रीशीट के साथ आपराधिक रिकॉर्ड भी शामिल किया है।
इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी वादी
कंकरखेड़ा थाने में दो अप्रैल को योगेश वर्मा और सैकड़ों अन्य के खिलाफ आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा, पुलिस पर फायरिंग, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, धमकी देना, भीड़ को उकसाना, विवादित भाषण देना, 7 क्रिमनल ला एक्ट समेत 13 धाराओं में केस दर्ज हुआ था। इन्हीं केसों और धाराओं में योगेश वर्मा समेत 90 आरोपियों को जेल भेजा गया और चार्जशीट दी गई। सीओ एसआईटी ने बताया कि इन केसों के वादी इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा, एसआई देवेंद्र कुमार, एसआई जितेंद्र कुमार और एसआई विनोद कुमार व एक अन्य हैं।
एसआईटी ने जुटाए ठोस साक्ष्य
हिंसात्मक घटनाओं से संबंधित मुकदमों की जांच के लिए गठित एसआईटी ने योगेश और अन्य आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाने का दावा किया। इनमें उपद्रव के दौरान योगेश वर्मा की कंकरखेड़ा और बाईपास पर मौजूदगी की वीडियो, फोटो, मोबाइल फोन की लोकेशन, उपद्रव से पहले की गई मोबाइल कॉल्स, फैंटम सिपाहियों, चौकी इंचार्ज, थाना प्रभारी, एडिशनल एसपी के गनर और सीओ दौराला समेत 25 पुलिसकर्मियों के बयान शामिल हैं। सीओ ने बताया कि चार्जशीट करीब 200 पेजों की है।
योगेश की मौजूदगी में भीड़ ने किया उपद्रव
सीओ एसआईटी के अनुसार चार्जशीट में सिपाही से लेकर राजपत्रित अधिकारियों समेत 25 पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज हैं। जिन्होंने बयानों में बताया कि पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने दो अप्रैल की सुबह सुबह नौ बजे ही कंकरखेड़ा में 500 से अधिक लोगों को जुटा लिया। उसके बाद पूर्व विधायक एनएच-58 पर पहुंचे। भीड़ को आगजनी के लिए उकसाया। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। योगेश वर्मा समेत इन आरोपियों ने बवाल किया। पुलिस चौकी में आगजनी करते हुए पुलिस पर फायरिंग की। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। वाहन फूंकने के साथ असलहे लूटे। रोकने की कोशिश करने पर पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला कर वाहनों को आग के हवाले कर दिया। जिसमें सिपाही, इंस्पेक्टर, तीन सीओ, और एसपी सिटी समेत 18 पुलिसकर्मियों के घायल होने की मेडिकल रिपोर्ट भी चार्जशीट में शामिल हैं। वहीं, पुलिस-प्रशासन योगेश वर्मा को रासुका में निरुद्ध करने की तैयारियों में भी लगा है।
तीन अन्य मुकदमों में भी चार्जशीट
मेरठ। सीओ सिविल लाइन/एसआईटी श्रीराम अर्ज ने बताया कि दो अप्रैल को कचहरी स्थित आंबेडकर चौक पर दो हजार उपद्रवियों ने इंस्पेक्टर नौचंदी की जीप फूंक दी थी। पुलिस पर फायरिंग की थी। कचहरी में घुसकर आगजनी और तोड़फोड़ की थी। उपद्रवियों की गोली से अंकुर निवासी हसनपुर की मौत हो गई थी। सिविल लाइन थाने में उपद्रव के दो मुकदमों में जेल में बंद पूर्व विधायक योगेश वर्मा समेत 57 आरोपियों के खिलाफ सोमवार को 60 पेजों की चार्जशीट दाखिल की गई। वहीं, मेडिकल थाने में दर्ज मुकदमे में योगेश वर्मा और दो अन्य के खिलाफ पेट्रोल पंप पर डकैती और अन्य धाराओं में तीन पेज की चार्जशीट दाखिल की गई है।