मेरठ। बेटे की हत्या में चश्मदीद गवाह सावित्री की हालत रविवार को भी गंभीर बनी रही। वहीं, सावित्री के दोनों बेटे मितन और रवि खौफ में हैं। जानलेवा हमले में नामजद 13 आरोपियों में से केवल एक ही आरोपी गिरफ्तार हो पाया है।
सरूरपुर थाना क्षेत्र के हसननपुर रजापुर गांव में 50 हजार के इनामी सुमित जाट ने 13 जुलाई 2017 को अपने चार साथियों के साथ मिलकर चेतन को मौत के घाट उतार दिया था। इस हत्याकांड में चेतन की मां सावित्री और चेतन के दोनों भाई मितन और रवि चश्मदीद गवाह हैं। मां-बेटे पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा मांगते आ रहे थे कि सुमित जाट को छोड़कर अन्य सभी आरोपी जमानत पर आ चुके हैं। जो कोर्ट में गवाही देने से इंकार कर रहे हैं। आरोपी कई बार हत्या का ऐलान कर चुके हैं। छह फरवरी को कोर्ट में गवाही है, ऐसे में उन्हें जान का खतरा बना हुआ है। एक फरवरी को एसएसपी के सामने महिला अपने बेटों के साथ फूटकर रोई थी। सावित्री को शुक्रवार रात सरकारी गनर (सिपाही) मिला। लेकिन शनिवार सुबह गनर तबियत खराब बताकर चला गया था।
इस दौरान आरोपी पक्ष ने कैथवाड़ी के जंगल में गन्ने की छिलाई करने पहुंची सावित्री पर गोलियां बरसा दी थीं। सावित्री के सिर में दो गोलियां लगी थीं। जबकि मितन और रवि ने खेत में छुपकर जान बचाई थी। मितन की तरफ से सरूरपुर थाने में 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार एक आरोपी मोहन उर्फ चेतराम को गिरफ्तार किया गया है। जिससे पूछताछ की जा रही है।
परिवार की सुरक्षा कड़ी
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि सावित्री पर जानलेवा हमले के बाद उसके परिवार की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दोनों बेटों और परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा में चार सिपाही तैनात किए गए हैं। सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं होगी। बकौल एसपी देहात, वे सीओ सरधना के साथ पूरे प्रकरण पर निगाह रखे हुए हैं।
गवाही से कोई नहीं रोक सकता
एसपी देहात का कहना है कि छह फरवरी को चेतन हत्याकांड में गवाही है। चेतन की मां सावित्री अस्पताल में भर्ती हैं। चेतन की हत्या में गवाह उसके दोनों भाइयों मितन और रवि को गवाही के दौरान पूरी सुरक्षा दी जाएगी। उन्हें गवाही देने से कोई भी आरोपी नहीं रोक सकता। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच समेत चार टीमें लगाई गईं हैं।
खास बातें:
शनिवार सुबह कैथवाड़ी के जंगल में हमलावरों ने महिला पर बरसाईं थीं गोलियां
दो गोलियां लगी थीं सावित्री के सिर में, गंभीर बनी है अभी भी हालत
13 लोगों के खिलाफ हुई थी रिपोर्ट दर्ज, केवल एक आरोपी ही हुआ गिरफ्तार