मेरठ। एडीजी व एसएसपी को लेकर सनसनी फैलाने वाली इंस्पेक्टर परशुराम की चैट में साइबर एक्सपर्ट भी उलझ गए हैं। साइबर एक्सपर्ट की मानें तो चैट सीयूजी नंबर से हुई है। जबकि मामला आला अधिकारी से जुड़ा हुआ है, उसके चलते जांच को उलझाया जा रहा है। चर्चा कि यह चैट एक तथाकथित नेता के साथ हुई है।
बुलंदशहर के डिबाई थाने के कोतवाल रहे परशुराम के सीयूजी नंबर द्वारा की गई चैट सोशल साइट पर बहुत तेजी से वायरल हो रही है। जिसमें इंस्पेक्टर परशुराम ने एडीजी पर जिला ट्रांसफर करने में 50 हजार और एसएसपी पर तीन लाख रुपये लेकर थाने का चार्ज देने का आरोप लगाया है। इस इंस्पेक्टर का ट्रांसफर आईजी मेरठ रेंज ने नोएडा से बुलंदशहर किया था।
आपस में ही उलझ रहे
यह मामला पुलिस महकमे की छवि धूमिल करने वाला है। इसको लेकर साइबर एक्सपर्ट भी ज्यादा बोल नहीं रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो यह चैट साजिश के तहत हुई और फिर इसको जानबूझकर वायरल किया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानें तो यह चैट सीयूजी नंबर से नहीं हुई। इस चैट में दूसरा फोन इस्तेमाल किया गया। जबकि साइबर एक्सपर्ट का दावा है कि चैट सीयूजी नंबर से हुई है। इसको लेकर पुलिस आपस में उलझी है।
कौन है वो तथाकथित नेता
पुलिस सूत्रों के अनुसार इंस्पेक्टर परशुराम के पास एक कथित नेता आता है, जिसने यह चैट की और फिर इसको वायरल किया है। पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी। पुलिस पहले ही मान चुकी है कि चैट तो इंस्पेक्टर परशुराम ने की है। इसके चलते ही एसएसपी बुलंदशहर ने इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया। जबकि रिपोर्ट अज्ञात के खिलाफ कराई, ताकि कुछ बचाव हो सके। साइबर क्राइम की बात कहकर जांच भी कराई जा रही है। सवाल है कि अगर मामला साइबर क्राइम का है तो इंस्पेक्टर को किस आरोप में सस्पेंड किया गया।