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अब मुंडाली में गवाह की हत्या, पेड़ पर लटकाया शव

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अब मुंडाली में गवाह की हत्या, नौ घंटे तीखा हंगामा
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मेरठ/माछरा। परतापुर में हत्या के चश्मदीद गवाह मां-बेटे की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि मुंडाली में शनिवार सुबह एक और चश्मदीद गवाह को मार डाला गया। हत्या को आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को पेड़ पर लटकाया गया। पीड़ित ने धमकियां मिलने की शिकायत पुलिस से की थी। लेेकिन किसी ने नहीं सुनी। इसको लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। गुस्साए लोगों ने पुलिस को नौ घंटे तक शव को पेड़ से नहीं उतराने दिया। एसएसपी के पहुंचने के बाद ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने दंपति समेत चार नामजद आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं।
पुलिस के अनुसार मामला मुंडाली थानाक्षेत्र के डेरियो रछौती गांव का है। बाबूराम गुर्जर के चार बेटे देवराज, ऋषिपाल, राजेश, तथा विक्रम एक साथ रहते थे। प्रापर्टी के लेकर भाइयों में विवाद हो गया। 16 जुलाई को एक भाई राजेश की हत्या हुई थी। जिसमें ऋषिपाल और उसके बेटे सोनू, सुधीर और आदेश जेल गए थे। इस मुकदमे में दूसरा भाई देवराज सिंह (50) वादी और चश्मदीद गवाह बना था। दो सप्ताह पहले आरोपी जेल से जमानत पर छूटकर आए थे। तभी से आरोपी समझौता न करने पर देवराज को धमकी देते आ रहे थे।
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सीएचसी पर था वार्ड ब्वाय
देवराज मुदाफरा सीएचसी पर वार्ड ब्वॉय था। देवराज शनिवार तड़के चार बजे घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने उसे तलाश किया। लेकिन पता नहीं चला। सुबह करीब छह बजे परिजनों को सूचना मिली कि देवराज का शव गांव के बाहर पेड़ पर लटका हुआ है। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की भी भीड़ जमा हो गई। मुंडाली थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची।
एसएसपी को बुलाने पर अड़े ग्रामीण
शव को पेड़ पर लटका देखकर एक सिपाही बोला कि मामला आत्महत्या का है। जिस पर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों के हंगामे और शव को पेड़ से न उतारने देने की जानकारी पर एसपी देहात और एसडीएम मवाना कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों ने ऐलान कर दिया कि जब तक एसएसपी मौके पर नहीं आएंगी, शव पेड़ से नहीं उतारने देंगे। मध्याह्न करीब 3:30 बजे एसएसपी मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसएसपी के आश्वासन पर शव को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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परिवार के सदस्य ही हुए नामजद
एसएसपी और एसपी देहात ने डॉग स्क्वायड और एक्सपर्ट की टीम को बुलाकर जांच कराई। पुलिस ने बताया कि पुलिस का खोजी कुत्ता सूंघता हुआ देवराज के भाई ऋषिपाल के घर में घुस गया। देवराज के पुत्र लोकेश ने ऋषिपाल और उसके बेटों पर हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने नामजद ऋषिपाल और उसकी पत्नी ब्रजेश के अलावा ऋषिपाल के दो बेटों आदेश व सुधीर को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, ऋषिपाल का तीसरा बेटा सोनू व उसकी पत्नी डिंपल के अलावा तीसरे भाई राजेश का आरोपी बेटा फरार है।
खास बातें:
- भाई की हत्या के केस में वादी होने के साथ चश्मदीद गवाह भी था 50 साल का देवराज
- धमकियां मिलने पर थाने में दिया था प्रार्थनापत्र, नहीं सुनी थी पुलिस ने
- हत्या को आत्महत्या दर्शाने के लिए पेड़ पर लटकाया, एसएसपी के पहुंचने पर उतारा गया शव
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