विधायक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
वर्ष 2014 मेंमारपीट के मामले में 20 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
तीन साल पहले कॉलेज में हुई मारपीट के मामले में अदालत ने सिवालखास विधायक जितेंद्रपाल सिंह सतवाई के गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इस प्रकरण में परिवाद दायर होने के बाद विधायक न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे।
पवन नाम के छात्र के साथ मारपीट करने के मामले में स्पेशल सीजेएम निशा सिंह ने चौधरी ईलम सिंह इंटर कॉलेज सतवाई के प्रधानाचार्य एवं सिवालखास विधायक जितेंद्रपाल सिंह के गैर जमानत वारंट जारी कर 20 सितंबर को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। दरअसल, पवन कुमार पुत्र तुले राम निवासी मीरपुर थाना सरूरपुर ने न्यायालय में एक परिवाद जितेंद्रपाल सिंह के विरुद्ध दायर किया था। आरोप लगाया था कि 03 मार्च 2014 को वह कक्षा दस की परीक्षा दे रहा था। इस दौरान तीन-चार अध्यापक नकल की पर्ची लेकर कुछ बच्चाें को हिंदी परीक्षा की नकल कराने आए थे। जिसका उसने विरोध किया तथा कहा कि नकल करानी है तो सभी को कराओ। जिस पर उपरोक्त लोगों ने प्रधानाचार्य जितेंद्र पाल सिंह को बुला लिया। इन सभी नेे वादी के साथ मिलकर मारपीट की और नाम व जाति पूछी। इसके बाद जातिसूचक शब्दों से संबोधित किया। इस मामले में परिवाद दायर होने के बाद अदालत ने जितेंद्रपाल सिंह को धारा 323, 504, 506 आईपीसी में तलब किया था। पर वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। इस पर मजिस्ट्रेट ने जितेंद्रपाल सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करअदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व महामंत्रियों की बैठक
मेरठ। मेरठ बार एसोसिएशन के सभागार में पूर्व अध्यक्ष व महामंत्रियों की बैठक बार के अध्यक्ष रोहताश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। संचालन महामंत्री प्रबोध शर्मा द्वारा किया गया। बैठक में पूर्व अध्यक्ष चौधरी नरेंद्रपाल सिंह, कुंवर राजपाल सिंह, महेंद्रपाल शर्मा, डीडी शर्मा, सुभाष चंद त्यागी, अजय त्यागी, डॉ. ओपी शर्मा, उदयवीर सिंह राणा तथा पूर्व महामंत्री राजेंद्र जानी, पंकज शर्मा, मुकेश मित्तल, केपी शर्मा, संजय शर्मा, अनिल जंगाला आदि ने भाग लिया। बैठक में न्यायिक अधिकारियों द्वारा अधिवक्तागण के साथ अमर्यादित व्यवहार एवं कानून के अनुरूप कार्य शैली न होने के संबंध में आ रही शिकायतों पर व उनसे उत्पन्न आक्रोश के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में अध्यक्ष द्वारा सभी के विचार सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रखते हुए सभा समाप्त कर दी गई।