11 सितंबर को बनी थी जितेंद्र की हत्या की प्लानिंग
बाफर गांव में जितेंद्र की हत्या का मामला
पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेजा
11 सितंबर को पूर्व ब्लॉक प्रमुख का दूसरा बेटा पुराने मामले में गया था जेल
जानी/मेरठ। गांव बाफर में शुक्रवार को दिन दहाड़े घर में घुसकर किसान जितेंद्र की हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया कि सितंबर सितंबर को किसान की हत्या की प्लानिंग बनी थी, जिसके बाद एक आरोपी पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था। इस मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है।
एसपी देहात राजेश कुमार के अनुसार बाफर गांव में शुक्रवार को घर में घुस कर अपने घर के बरामदे में खाट पर सोए जितेंद्र पुत्र कंवल सिंह की कनपटी से सटा कर गोली मारकर हत्या कर दी थी। जितेंद्र के बेटे विशाल ने गांव के ही पूर्व ब्लाक प्रमुख राजबीरी के चार बेटों विकेंद्र उर्फ गौरी, छंगा उर्फ नगेंद्र, लोकेंद्र उर्फ भूरा और कवींद्र पुत्र गण चंद्रवीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था। शनिवार को पुलिस ने गांव बाफर के पास से घटना में नामजद करवाए गए कवींद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर आरोपी कविंद्र को जेल भेज दिया। एसपी देहात का कहना है कि कविंद्र से पूछताछ में सामने आया कि प्रधानी के चुनाव में जितेंद्र ने पर्चा भरा था। जहां उसका अपने ही गांव के रहने वाले विकेंद्र उर्फ गौरी से विवाद हो गया था। लेकिन बाद में गांव के लोगों ने समझाया तो जितेंद्र चुनाव में बैठ गये थे। कुछ समय पहले गांव के बाहर साइकिल टकराने को लेकर भी जितेंद्र का आरोपी पक्ष से विवाद हो गया था।
एक सप्ताह से ही आरोपी पक्ष के पूर्व ब्लॉक प्रमुख का बेटा विकेंद्र उर्फ गौरी ने किसान जितेंद्र की हत्या की प्लानिंग बनाई थी। जिसके बाद गौरी ने अपने भाइयों से कहा कि वह यदि जेल चला जाए तो उस पर हत्या का शक नहीं होगा। जिसके बाद विकेंद्र उर्फ गौरी 11 सितंबर को सिविल लाइन थाने में 2010 में दर्ज हुए धोखाधड़ी के मुकदमे में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था। पुलिस ने विकेंद्र उर्फ गौरी के खिलाफ 120 बी में केस दर्ज किया था।