- चार थानों की पुलिस फोर्स ने की थी आरोपी की घेराबंदी
- मंगलवार रात लुटेरों ने लूट की छह वारदात को दिया अंजाम
- लुटेरे के पैर में गोली लगी, अस्पताल में भर्ती कराया गया
मेरठ।
मेरठ-किला परीक्षितगढ़ मार्ग पर मंगलवार रात बदमाशों ने एक के बाद एक सात लोगों से लूटपाट की थी। लुटेरों की घेराबंदी के लिए एसपी देहात व सीओ सदर देहात के नेतृत्व में चार थाना की पुलिस टीम बनाई। 12 घंटे बाद पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ हो गई। इसमें पुलिस की गोली से एक बदमाश घायल हो गया। उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य तीन बदमाश फायरिंग करते हुए भाग गए। वहीं मुठभेड़ में एक सिपाही को भी चोट लग गई। पुलिस ने घायल बदमाश व सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का दावा है कि गोली से घायल लुटेरा पदम सिंह पांच हजार का इनामी है।
लुटेरे ने किए कई फायर
एसपी देहात राजेश कुमार के मुताबिक मुखबिर ने सूचना दी कि परीक्षितगढ़ में मंगलवार रात को लूटपाट करने वाले बदमाश खजूरी मंशा देवी के पास लूट की फिराक में हैं। सूचना पर सीओ सदर देहात जितेंद्र कुमार सरगम, इंस्पेक्टर भावनपुर धर्मेंद्र राठौर, सिविल लाइन पुलिस, परीक्षितगढ़ और मुंडाली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम को देखकर चारों बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश पदम पुत्र नेत्रपाल निवासी शाहकुलीपुर परीक्षितगढ़ पैर में गोली लगने से घायल हो गया। जबकि अन्य बदमाश गुड्डू उर्फ अजेंद्र, रजनीश निवासी शाहकुलीपुर और कपिल मुबारिकपुर फरार हो गया। वहीं परीक्षितगढ़ थाने में तैनात सिपाही आदेश को चोट लग गई।
लुटेरों के घरों में तोड़फोड़
पुलिस ने फरार तीनों लुटेरों के घर पर दबिश दी। पुलिस ने लुटेरों के घर में तोड़फोड़ कर दी। तीनों घरों में बदमाशों के परिवार की महिलाएं मौजूद थीं। पुलिस ने महिलाओं से कहा कि लुटेरों को पुलिस को सौंप देना, अन्यथा अंजाम ठीक नहीं होगा। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि उनको जानकारी नहीं है कि गुड्डू और रजनीश इतने बड़े लुटेरे हैं। पहले पुलिस को इनकी जांच करनी चाहिए।
12 घंटे में पुलिस का जवाब
परीक्षितगढ़ में सात लोगों से लूटपाट करने वाले बदमाशों को पुलिस ने 12 घंटे में कड़ा जवाब दिया। एसपी देहात और सीओ सदर देहात का कहना है कि रात को भावनपुर, परीक्षितगढ़, मुंडाली और सिविल लाइन थाने की पुलिस को लगाया था। रातभर पुलिस लुटेरों की तलाश में लगी रही। सुबह दस बजते पुलिस बदमाशों पर टूट पड़ी। एक बदमाश को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया। जबकि फरार तीनों लुटेरों के घर पर दबिश देकर उनके परिवार को चेताया, ताकि दोबारा घटना न करें।
थाने में हंगामा, जताया विरोध
सीनियर अधिवक्ता सुनील चिंदौड़ी भावनपुर थाने पहुंचे। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस पदम सिंह को मंगलवार रात एक बजे घर से उठाकर लाई है। फर्जी मुठभेड़ दर्शाकर उसके पैर में गोली मारी। पुलिस उन्हें बेवजह लूट और हत्या के मामले में फंसा रही है। इसकी शिकायत वो डीजीपी व मुख्यमंत्री से करेंगे। पुलिस असली बदमाशों को नहीं पकड़ पाती।