मेरठ। परीक्षितगढ़ की नवविवाहिता ने हिस्ट्रीशीटर शहजाद के रिश्तेदार के घर हरिद्वार जाने की इच्छा जताई है। कोर्ट ने आदेश किया कि विवाहिता को उसकी इच्छानुसार छोड़ा जाए। जिसके बाद पुलिस ने उसको हिस्ट्रीशीटर की रिश्तेदार की सुपुर्दगी में देना बताया है।
दो महीने पहले परीक्षितगढ़ में एक नवविवाहिता का अपहरण हिस्ट्रीशीटर शहजाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर किया था। इसको लेकर दोनों समुदाय के लोगों में तनाव की स्थिति बनी थी। चार दिन पहले विवाहिता को पुलिस ने बरामद कर कोर्ट के समक्ष पेश कर दिया। विवाहिता हिस्ट्रीशीटर के पक्ष में बयान देकर अपने भाई से जान का खतरा बताकर नारी निकेतन चली गई थी।
मंगलवार सुबह 11 बजे पुलिस ने विवाहिता को एसीजेएम-9 आलोक कुमार के समक्ष पेश किया। जहां पर विवाहिता के पिता की तरफ से अधिवक्ता धीरज चौधरी ने अर्जी देकर विवाहिता के पेपरों की जांच कराए जाने की मांग की। वहीं, विवाहिता ने अदालत को बताया कि वह बालिग है और उसके पास हाईस्कूल के प्रमाण पत्र तथा वह हरिद्वार में शहजाद की मामी के यहां जाना चाहती है। उसने मामी का घर देखा है।
वह नारी निकेतन नहीं जाना चाहती। जिस पर विवेचनाधिकारी द्वारा विवाहिता को उसकी इच्छानुसार छोड़ने के लिए समय की मांग गई क्योंकि तर्क दिया गया कि कैराना के उपचुनाव में पुलिस बल गया है, और मामला अति गंभीर है इसलिए समय दिया जाए। जिस पर एसीजेएम-9 आलोक कुमार ने सुनवाई के बाद दोपहर बाद अपना आदेश सुनाया कि विवाहिता बालिग है और उसे उसकी इच्छानुसार चाहे हुए स्थान पर सुरक्षित पहुंचाया जाए।
विवाहिता को घंटों चौकी में बैठाया
विवाहिता को थानाध्यक्ष परीक्षितगढ़ व विवेचनाधिकारी पवन मलिक मंगलवार को कचहरी लेकर पहुंचे। अदालत में पेश करने के बाद विवाहिता को कचहरी स्थित चौकी में कई घंटे तक बैठाये रखा और आदेश होने के बाद उसको वहां से लेकर चले गए।
खास बातें:
- कोर्ट का आदेश, विवाहिता अपनी मर्जी से रहे
- पुलिस ने उसको हरिद्वार में छोड़ना बताया है