कस्बा खिवाई में शुक्रवार को कुछ लोगों ने घर में घुसकर वृद्धा से मारपीट कर दी। वे विरोध करने पर उसके कपडे़ फाड़कर तथा नाली में धक्का देकर भाग गए। वृद्धा का कसूर बस इतना था कि उसने घर के सामने नाली पर एक टूटा खंभा बिना इजाजत रख लिया था। इस मामले में पुलिस ने भी पीड़ित का साथ नहीं दिया। वहीं, पीड़ित पर जबरन दबाव बनाकर समझौता लिखावाकर मामले को रफा-दफा कर दिया।
जानकारी के मुताबिक कस्बा खिवाई निवासी वृद्धा मुन्नी पत्नी मुनसैद के घर के सामने से नाली गुजर रही है। जिसके ऊपर से गुजरने में परेशानी होती है। इससे बचने के लिए उसने पास ही टूटे पडे़ बिजली के खंभे को कस्बे के चेयरपर्सन की बिना इजाजत के उठाकर नाली पर रखकर रास्ता बना लिया था। आरोप है कि इसकी जानकारी चेयरपर्सन समर्थकों को हुई। वे सीधे महिला के घर पहुंचे और नाली पर पडे़ खंभे को उठाकर फेंकने लगे। आरोप है कि इसका महिला ने विरोध किया तो महिला से मारपीट कर दी और विरोध जताने पर महिला के कपडे़ तक फाड़ दिए। पीड़ित वृद्धा का आरोप है कि गुर्गों का कहर यही नहीं रुका। वे महिला को गालीगलौज करते हुए नाली में धक्का देकर भाग गये। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल करके सूचना दी। इस पर यूपी 100 पुलिस ने रसूखदारों से मिलकर पीड़ित महिला पर दबाव बनाया। इसके बाद समझौता लिखवाकर मामले को रफा-दफा कर दिया। इसे लेकर परेशान महिला ने अब थाने में गुहार लगाई है, लेकिन पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर महिला को टरका दिया। उधर, इस बारे में चेयरपर्सन रंगीला बेगम ने मामले की जानकारी से इनकार किया है। हालांकि सीओ सरधना संतोष कुमार सिंह ने शिकायत मिलने पर मामले जांच कराने की जानकारी दी है।
मुख्य बातें
पुलिस भी हमलावरों के सामने झुकी, दबाव में लिखवाया समझौता