मेरठ। बागपत जेल में मारे गए माफिया मुन्ना बजरंगी के संपर्क में मेरठ के कई बिल्डर थे। बिल्डरों के कौन से काम यह माफिया करता था, इसका पता लगाने में पुलिस जुट गई है। एसटीएफ की जांच में बिल्डरों के नाम सामने आए हैं, जिनसे जल्द पूछताछ हो सकती है। हत्या में प्रयुक्त पिस्टलों को लेकर अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं।
एसटीएफ ने माफिया मुन्ना बजरंगी की आपराधिक कुंडली खंगालनी शुरू कर दी। जिसमें चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बताया गया कि मुन्ना बजरंगी से मेरठ के कई बिल्डर जुड़े थे। सवाल उठता है कि बिल्डरों से बजरंगी रंगदारी वसूलता था या बिल्डरोें के अवैध कब्जे कराता था। इसका खुलासा तो पुलिस की जांच में ही होगा। पुलिस का कहना कि कई बिल्डरों को मुन्ना बजरंगी से खतरा भी हो गया था। चर्चा है कि कहीं बिल्डरों ने तो मुन्ना बजरंगी की हत्या कराने की प्लानिंग नहीं रची।
पिस्टलोें पर अटकी जांच
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जेल में कुख्यात सुनील राठी को दो पिस्टल जेल में दी गई। पिस्टल जेल में किसने पहुंचायी, इसकी जांच में अभी पुलिस उलझी है। क्योंकि पिस्टलों को लेकर सरकारी सिस्टम पर तरह तरह के सवाल उठ रहे है।
जेल से कई बदमाश होंगे शिफ्ट
बागपत जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से पश्चिम व पूर्वांचल के जेलों में खलबली मची हुई है। बताया जा रहा कि जेलों में कई बदमाशों को दूसरी जनपदों में शिफ्ट कराने की तैयारी जोरों से चल रही है। जेल प्रशासन अपराधियों की सूची बनाने में लगा है। जोकि शासन को भेजी जानी है।