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सील लगने के बाद भी चलता मिला स्लाटर हाउस

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खरखौदा/मेरठ। योगी सरकार बनने के बाद हापुड़-मेरठ रोड पर गांव अल्लीपुर के पास जिन 11 मीट फैक्ट्रियों को सील किया गया था। उसमें एक फैक्ट्री शनिवार को संचालित होती मिली। संयुक्त छापामारी में मौके से भारी मात्रा में मीट और एक कंटेनर बरामद हुआ।
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22 मार्च को पुलिस, प्रशासन, एमडीए, विद्युत निगम सहित सभी विभागों की आठ टीमों ने यह कार्रवाई की थी। जिसमें अल अक्सा, अलकैफ, अल यासिर, यूनिवर्सल इंडिया, यूनिवर्सल इंडिया एग्रो फूड्स, वैट फूड, बेस्ट एग्रो सहित प्रोसेसिंग मीट प्लांट के गोदाम बंद कराकर सील कर दिए गए थे। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार एमडीए की सील लगने के बाद भी दो फैक्ट्रियों के चलने की सूचना लगातार मिलती रही।
शनिवार को किसी अज्ञात व्यक्ति ने कंट्रोल रूम को सूचना दी कि हापुड़ रोड पर मदरसे के पास अलकैफ इंडस्ट्रीज (मीट फैक्ट्री) चल रही है। यह फैक्ट्री तिहरे हत्याकांड के आरोपी हाजी इजलाल की है, जो जेल में बंद है। वर्तमान में इसे इजलाल का भाई हाजी परवेज चला रहा है। सूचना पर पहले खरखौदा थाने की फैंटम और यूपी 100 की गाड़ी पहुंची। जिसके बाद एमडीए के नोडल अधिकारी विवेक शर्मा, राकेश कुमार व आनंद श्रीवास्तव और पशुपालन विभाग के क्षेत्रीय चिकित्सक डॉ. संजय चतुर्वेदी भी मौके पर पहुंच गए। टीम ने एक कंटेनर में लदे मीट के करीब 550 पैकेट बरामद किए। उसके आसपास काफी मात्रा में पैकेट बिखरे पड़े थे। छापा लगते ही फैक्ट्री के मजदूर भाग निकले। पुलिस ने मौके से चार लोगों को हिरासत में ले लिया।
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संचालक ने यह बोला
सील लगने के बाद भी फैक्ट्री के संचालन पर संचालक ने पुलिस को बताया कि फैक्ट्री में सील लगने के बाद फैक्ट्री का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था, जिससे गोदाम में रखा लाखों का मीट केवल जनरेटर के सहारे ही रखा था। लेकिन कई दिन से जनरेटर बंद हो गया तो मीट खराब होने लगा। हालांकि वह बिना किसी परमीशन के ही सील लगे गोदाम के दूसरे गेट से माल निकालकर कंटेनर में रखवा रहा था।
15 दिन से चल रही फैक्ट्री
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि सील के बावजूद फैक्ट्री 15 दिन से चल रही थी। फैक्ट्री के मेन गेट पर सील लगी है। संचालक ने फैक्ट्री के पीछे की ओर दूसरे रास्ते से कंटेनर को अंदर घुसा लिया। वहीं, आसपास के लोगों का आरोप है कि पिछले पंद्रह दिन से रोजाना कई कंटेनर माल फैक्ट्री से बाहर जा रहा है। लोगों ने पशु कटान का भी आरोप लगाया। लेकिन इस छापामारी में केवल पैकेजिंग मीट ही मिला। वहीं, इसके अलावा एक और फैक्ट्री के भी चलने की सूचना मिल रही है।
कार्रवाई से पल्ला झाड़ा
फैक्ट्री और गोदाम के मेन गेट पर अपने ही विभाग की सील लगी होने पर एमडीए के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। वहीं पशुपालन विभाग के चिकित्सक ने भी कहा कि गोदाम में रखे मीट का एक बार नमूना ले लिया गया है। अब वह उसी मीट का दोबारा नमूना नहीं ले सकते। जिस कारण दोनों विभागों ने कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया। इस मामले में इंस्पेक्टर संदीप सिंह से बात की गयी तो बताया कि पुलिस नहीं, एमडीए ही मुकदमा दर्ज कराएगी। हालांकि देर रात एमडीए की टीम थाना खरखौदा पहुंच गई थी और मुकदमे की तैयारी थी।
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- ढाई माह पहले लगी थी फैक्ट्री और गोदाम पर सील
- मौके से कंटेनर और भारी मात्रा में मीट बरामद
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