कंकरखेड़ा (मेरठ)। डेढ़ करोड़ की डकैती के माल के बंटवारे को लेकर की गई मास्टर माइंड कृष्णा की हत्या के मामले में कंकरखेड़ा पुलिस ने उसके दो दोस्तों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा के अनुसार एकता नगर झांसी निवासी कृष्णा पुत्र राजू रैकवार झांसी के ही मोहल्ला चौधरायना निवासी सराफा कारोबारी पवन अग्रवाल के यहां काफी समय से नौकर था। कृष्णा ने अपने दोस्त संदीप कुशवाह पुत्र योगेंद्र, विक्की लखेरा पुत्र रामकृपाल और शिवम साहू के साथ मिलकर 19 दिसंबर को सराफ के घर करीब डेढ़ करोड़ की डकैती को अंजाम दिया था। 12 जनवरी को कृष्णा का खून से लथपथ शव जिटौली कंकरखेड़ा के जंगल में मिला था। जिसकी हत्या उसी के साथियों ने माल के बंटवारे के दौरान की थी।
साढ़े पांच किलो सोना था कृष्णा के पास
सोमवार को मेरठ पहुंचे राजू ने बेटे कृष्णा के शव की शिनाख्त की। राजू के साथ आए सब इंस्पेक्टर अमर पाल सिंह ने बताया कि कृष्णा इस डकैती का मास्टर माइंड था। पुलिस से बचने के लिए संदीप व विक्की उसे लेकर इंदौर चले गए। करीब साढ़े पांच किलो सोना कृष्णा के पास ही था। जिसे देखकर संदीप व विक्की की नीयत बिगड़ गई। घूमने के बहाने उसकी हत्या करने के लिए वह कृष्णा को इंदौर से कंकरखेड़ा लेकर पहुंचे थे। जहां एक ढाबे पर उसे ज्यादा शराब पिला दी थी। फिर जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि मरने से पूर्व कृष्णा ने दोस्तों से कहा था कि सारा माल तुम ही ले लो। लेकिन पर उसकी जान बख्श दो। लेकिन दोस्तों को उस पर रहम नहीं आया था। राजू की तहरीर पर संदीप और विक्की के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ है। संदीप को रिमांड पर लेने के लिए बी वारंट की तैयारी की जा रही है।
सब गलत संगत का नतीजा
राजू ने बताया कि उसके तीन बेटों में कृष्णा सबसे छोटा था। बड़ा बेटा इंजीनियर है तो दूसरा शिक्षक है। कृष्णा गलत संगत में पड़ गया था। उसे बहुत समझाया। लेकिन नहीं माना था। जिसका नतीजा इतना बुरा निकला कि उसे जान से ही हाथ धोना पड़ा।