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एनसीआर का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर था मालूक-Ghaziabad city

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तमंचे संग स्वचालित हथियारों का सौदागर है मलूक

मोदीनगर (गाजियाबाद)। भोजपुर के नहाली गांव में रहने वाले मलूक का नाम दिल्ली-एनसीआर के बड़े अवैध हथियार सप्लायरों में शामिल है। उसे तमंचों का सौदागर बताया जाता है लेकिन अब वह स्वचालित हथियारों की सप्लाई भी करता है। अवैध हथियार सप्लाई करने का उसका धंधा एनसीआर के अलावा अन्य कई राज्यों तक फैला है। मलूक के खिलाफ आठ केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस की मुखबिरी कमजोर रही। पुलिस को उसके दहशतगर्दों से संबंध होने की भनक तक नहीं लगी। इससे गाजियाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हथियार सप्लायर मलूक पर दिल्ली, मसूूरी, बाबूगढ़ और बुलंदशहर के थानों में आठ केस दर्ज हैं। यह पुलिस की विफलता ही है कि दिल्ली-एनसीआर से सटे गाजियाबाद से बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का कारोबार हो रहा था और अधिकारियों व खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं थी। सूत्रों की मानें तो बीते पांच वर्षों में मलूक का अवैध हथियारों का धंधा कई गुना तक बढ़ गया है। गाजियाबाद, मेरठ के साथ ही उसने दिल्ली तक पैठ बनाई और फिर एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में भी धंधे को फैला लिया। सूत्रों की मानें तो तमंचे सप्लाई करने से शुरू हुआ मलूक का धंधा इतना बढ़ा कि अब उसने स्वचालित हथियारों की भी सप्लाई शुरू कर दी थी।
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गांव में बना लिया था सुरक्षा घेरा
कारोबार बढ़ाने के साथ ही इतने कम समय में मलूक ने अपने गांव में एक सुरक्षा घेरा भी बना लिया था। महिलाओं और गांव वासियों की एक ‘फौज’ तैयार कर ली थी। यह ‘फौज’ उसकी मदद करती थी। इसी की मदद से वह जांच एजेंसियों की चंगुल में आने के बावजूद भाग निकला।
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मलूक के खिलाफ पूर्व में दर्ज केस
गाजियाबाद के मसूरी थाने से 2011 में धारा 147, 148, 149, 302 में रिपोर्ट
बाबूगढ़ थाने में 2009 में धारा 147, 148, 149, 302 और 379 में रिपोर्ट
बाबूगढ़ थाने में 2009 में धारा 25ए में रिपोर्ट
बाबूगढ़ थाने में 2009 में एनडीपीएस एक्ट में रिपोर्ट
बुलंदशहर के थाना खानपुर में 2002 में धारा 41/102 और 411 में रिपोर्ट
बुलंदशहर के थाना खानपुर में 2002 में धारा 25ए में रिपोर्ट
मोदीनगर के भोजपुर थाने में 2011 में धारा 147, 148, 149 और 307 में रिपोर्ट
दिल्ली के आनंद विहार थाने में 2002 में धारा 378, 411 में रिपोर्ट
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