मेरठ। परतापुर में नंदा देवी एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश के पीछे पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच कई अहम बिंदुओं पर शुरू हुई है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोएडा दौरे से लेकर पुलिस ने स्थानीय चोर उच्चकों तक पर फोकस किया है। पुलिस इससे भी इंकार नहीं कर रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को रद्द कराने के लिए यह प्लानिंग बनाई गई हो।
परतापुर रेलवे स्टेशन के पूठा रेलवे ट्रैक पर नंदा देवी एक्सप्रेस के सामने रविवार तड़के 4:00 बजे लोहे का गार्डर डाल दिया था। 4:08 बजे यह ट्रेन ट्रैक पर पहुंची तो बड़ा हादसा होने से बचा था। गनीमत रही कि ट्रेन की स्पीड कम होने और लोको पायलट द्वारा इमरजेंसी ब्रेक लगाने पर स्थिति कंट्रोल में हो गई थी। पुलिस का मानना है कि नौ जुलाई (सोमवार) को नोएडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा था, जिसे रद्द कराने के लिए यह आतंकियों द्वारा रची गई साजिश भी हो सकती है। पुलिस इस बिंदु पर गंभीरता से जांच करने में लगी है।
सात मिनट का अंतराल
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आया है कि मालगाड़ी गुजरने के सिर्फ सात मिनट के अंतराल में इस हादसे को करने का प्लान किया गया था। आतंकी इनपुट मिलने पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी जांच करनी शुरू कर दी है। पुलिस ने सोमवार को परतापुर व उसके आसपास इलाके में लोगों से पूछताछ की।
48 घंटे बाद भी खाली हाथ
इस सनसनीखेज मामले को मंगलवार सुबह 48 घंटे हो गए। लेकिन पुलिस रविवार और सोमवार को यह तक पता नहीं लगा पाई कि यह लोहे का जंग लगा गार्डर किसने ट्रैक पर रखा। 17 फीट लंबा और 24 किलो वजनी यह गार्डर क्या आसपास की किसी फैक्ट्री या कबाड़ी के यहां से चोरी किया गया, या फिर किसी आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए कहीं बाहर से लाया गया। सोमवार को फोरेंसिक फील्ड यूनिट की टीम ने पूठा रेलवे ट्रैक पर जाकर जांच पड़ताल की।
मामला बेहद गंभीर
मामला बेहद गंभीर है। आतंकी इनपुट से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस और क्राइम ब्रांच सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। -राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी
खास बातें:
नंदा देवी एक्सप्रेस प्रकरण:
- आतंकी इनपुट से लेकर स्थानीय चोर तक रडार पर
- पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर बिंदु पर कर रहीं जांच