मेरठ। इनामी कुख्यात नजाकत उर्फ पप्पू के स्वीमिंग पूल में किशोर की मौत पहली घटना नहीं है। दो साल पहले भी एक बच्चे की इसी स्वीमिंग पूल में मौत के बाद बखेड़ा हुआ था। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने जांच कराने की बात कही थी। लेकिन अफसरों के आदेश हवाई साबित हुए।
मंगलवार को कासिफ की मौत के बाद स्वीमिंग पूल फिर से सवालों के घेरे में है। दो साल पहले बच्चे की मौत के बाद यदि सरकारी सिस्टम जाग गया होता तो कासिफ जिंदा होता और उसके परिजनों को जिंदगी भर का दर्द न होता। लेकिन थाने के सिपाहियों से लेकर इंस्पेक्टर, सीओ और अन्य उच्च अधिकारियों ने कभी इस पर संज्ञान नहीं लिया। स्वीमिंग पूल किसके इशारे पर चल रहा है, इसका जवाब पुलिस अफसरों के पास नहीं है। जब भी कोई हादसा होता है तो अफसर जांच कर कार्रवाई की बात करते हैं। लेकिन उसके बाद फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। नगर निगम और एमडीए के अधिकारियों ने भी कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया। स्वीमिंग पूल में मानकों का भी ध्यान नहीं दिया गया। जहां न ट्रेनर की व्यवस्था है और ही कोई बच्चों और किशोरों को देखने वाला। आसपास के लोगों ने बताया कि थाना पुलिस की फैंटम यहां आती रहती है।
शहर में कई जगह अवैध स्वीमिंग पूल
लिसाड़ी गेट में अलग-अलग स्थानों पर ऐसे ही अवैध स्वीमिंग पूल हैं। जहां कभी भी किसी भी बच्चे या किशोर के साथ हादसा हो सकता है। इन अवैध पूल में पुलिस के अलावा एमडीए और नगर निगम की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। फतेहउल्लापुर रोड, लिसाड़ी गेट, समर गार्डन, माधवपुरम, रिठानी, मवाना रोड पर गंगानगर, मामेपुर रोड, रजपुरा रोड और कंकरखेड़ा में 50 से अधिक स्वीमिंग पूल है।
किसकी शह पर चल रहा कुख्यात का पूल
यह स्वीमिंग पूल किसी शह पर चल रहा है। पुलिस कस्टडी से फरार तांत्रिक नजाकत अली को कोर्ट द्वारा सजा हो चुकी है। नजाकत के भाई पर कई मामले दर्ज हैं जो जमानत पर जेल से बाहर चल रहा है। आखिर अवैध तरीके से स्वीमिंग पूल किसकी शह पर चल रहा है।
खास बातें:
पहले भी एक बच्चे की हुई थी इसी स्वीमिंग पूल में मौत
थाना पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल