मेरठ। बेगमपुल पर मंगलवार शाम एक छात्र ने अपने को भाजपा विधायक का भतीजा बताकर दुकानदारों को पीट दिया। कार्रवाई की बारी आई तो विधायक का फोन पहुंचते ही लालकुर्ती पुलिस आरोपियों के बचाव में उतर आई।
मन्नू ने पुलिस को आरोप लगाते बताया कि उसकी बेगमपुल नाला पटरी पर चश्मे और बेल्ट की फड़ है। शाम को वहां पहुंचे दो युवक चश्मा व बेल्ट खरीदने की बात कहकर सामान देखने लगे। इस बीच युवक ने एक चश्मा जेब में रख लिया। मैंने चश्मे के पैसे मांगे तो युवक ने खुद को भाजपा विधायक का भतीजा बताकर कहा कि पैसे मांगे तो अंजाम भुगत लेना। विरोध करने पर फोन करके अपने साथी बुलाकर मुझे पीट दिया। दुकान में भी तोड़फोड़ कर दी।
युवक ने यह बताई कहानी
लालकुर्ती एसओ दिनेश मलिक मौके पर पहुंचे। इस दौरान फलावदा निवासी रवि ने आरोप लगाते बताया कि वह बेगमबाग में रहकर विवि कैंपस में पढ़ रहा है। अपने साथी का इंतजार कर रहा था। इस बीच दुकानदार और ग्राहक में लड़ाई हुई तो वह बचाने लगा। जिसके बाद दुकानदारों ने उस पर भी हमला बोल दिया। एसओ ने बताया कि रवि की तहरीर पर मन्नू, आदिल, नवाज और साकिब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया है। वहीं एसपी सिटी का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। लेकिन पुलिस सत्ता के दबाव में नहीं है। एसओ से जानकारी की जा रही है। यदि दुकानदार भी घायल हुआ है तो उसकी तहरीर पर भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
हमें पीटा, हम पर ही रिपोर्ट
मन्नू पक्ष का आरोप है कि रवि पक्ष ने हमें पीटा और हम पर ही रिपोर्ट दर्ज करा दी। हमारी तहरीर भी नहीं ली। एसओ ने कहा कि मन्नू के सिर में चोट लगी। लेकिन उसने तहरीर नहीं दी। रवि ने तहरीर दी तो रिपोर्ट दर्ज की गई है। सवाल है कि यदि रवि किसी विधायक का रिश्तेदार नहीं है तो ऐसा कौन सा दबाव था कि घायल की तहरीर लेने के बजाय रवि की तहरीर ले ली। गौरतलब है कि इससे पहले परतापुर में पुलिस के साथ बखेड़ा हुआ था तो शास्त्रीनगर में भी एक विधायक का नाम लेकर अधिवक्ता से सरेआम मारपीट कर पिस्टल लूट ली गई थी।
खास बात
- बेगमपुल नाले के पास मंगलवार शाम चश्मा और बेल्ट खरीदने पर हुआ था विवाद
- दुकानदार के पैसे मांगने पर आरोपी छात्र ने साथियों को बुलाकर सरेआम पीटा