बागपत के कस्बा खेकड़ा की पट्टी रामपुर निवासी शेर सिंह धामा 2011 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। तीन अगस्त 2019 को उनकी तैनाती जनपद में हुई थी। इससे पूर्व वह कानपुर में थे। गत 19 अगस्त को ही वह नगर कोतवाली में तैनात हुए थे। उनकी ड्यूटी बीसा कॉलोनी में थी। वह नगर कोतवाली के निकट स्थित पूर्व तहसीलदार के आवास में स्थित सरकारी क्वाटर में रह रहे थे। करीब 18 दिन पूर्व फुफेरा भाई विपुल पुत्र सुबोध उनके पास आकर रहने लगा था। विपुल ने तहरीर देकर बताया कि रविवार को उसका जन्मदिन था। दोनों ने रात को पार्टी की थी। रात करीब 12 बजे विपुल कमरे में सो गया। शेर सिंह परिवार में किसी से फोन पर बातचीत कर रहे थे। सुबह करीब दस बजे विपुल सोकर उठा तो उसने देखा कि शेर सिंह का गोली लगा शव औंधे मुंह बिस्तर पर पड़ा था, उसके घुटने जमीन पर लगे हुए थे। विपुल की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और घटनास्थल पर पड़ी सरकारी पिस्टल को कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां एसएसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों ने सलामी देकर शव परिजनों को सौंप दिया।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक के फुफेरे भाई से पूछताछ की और फिंगर प्रिंट आदि लिए।
प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का सामने आया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
- संतोष सिंह, एसएसपी बुलंदशहर
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