फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: निजी अस्पतालों में मेडिकल स्टोरों पर कसेगा शिकंजा

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। निजी अस्पतालों में चल रहे मेडिकल स्टोरों पर अब शिकंजा कसेगा। दवाओं के लिए मनमानी नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने ड्रग्स इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

पत्र में कहा गया है कि ऐसा संज्ञान में आया है कि अस्पताल या नर्सिंग होम द्वारा दवा निर्माता कंपनियों से साठगांठ करके ऐसी दवाओं का भंडार किया जाता है, जो अन्य दवा विक्रेताओं के यहां उपलब्ध नहीं होती हैं। अस्पताल संचालक मरीजों को अस्पताल में स्थित मेडिकल स्टोर में दवाएं ऊंचे दामों पर मरीज़ों को खरीदने के लिए मजबूर करते हैं, जबकि वही दवाएं दूसरे ब्रांड की सस्ते दामों पर दूसरे मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध होती हैं। कुछ अस्पताल तो फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में भी गैर औषधि की बिक्री करते हैं। लिहाजा इनकी निगरानी आवश्यक है।
सम्मेलन कर उठाया था मुद्दा

इसी विषय पर 16 फरवरी 2023 को मेरठ के दवा विक्रेताओं ने एक बड़ा सम्मेलन किया था। अपनी आवाज को मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल के माध्यम से भी उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुंचाया था। डॉक्टरों की मनमानी पर इससे प्रथमदृष्टया अंकुश लगेगा। - गोपाल अग्रवाल, समाजसेवी
विज्ञापन

लगातार कर रहे थे मांग

हमारी एसोसिएशन लगातार अस्पतालों और क्लीनिकों में चल रहे मेडिकल स्टोरों पर अंकुश लगाने की मांग कर रही है। अब सरकार ने इस पर संज्ञान लिया है और निर्देश जारी किए हैं। यह बड़ी बात है। हमारा प्रयास सफल हो रहा है। - रजनीश कौशल, महामंत्री, जिला मेरठ ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन
शासन के निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा। अस्पतालों की निगरानी की जाएगी। मानकों के अनुरूप दवाओं की उपलब्धता हो यह सुनिश्चित कराया जा रहा है। - पीयूष, ड्रग्स इंस्पेक्टर

ये दिए निर्देश

- अस्पताल या नर्सिंग होम में स्थित मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण करके यह सुनिश्चित किया जाए कि दवाओं की बिक्री फार्मासिस्ट की उपस्थिति में हो रही है या नहीं।

- अस्पताल में मेडिकल स्टोर पर खुदरा मूल्य से ज्यादा मूल्य पर दवाई तो नहीं बेची जा रही।

- अस्पताल में स्थित मेडिकल स्टोर में जो दवाएं हैं, वे आसपास के मेडिकल स्टोरों पर उपलब्ध हैं या नहीं। अगर दवा उपलब्ध हैं और मेडिकल स्टोर वाला दवा देने से मना कर रहा है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें