मेरठ। कान्हा उपवन गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा और गबन करने के मुख्य आरोपी बने प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल सिंह की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद पुलिस की विवेचना तेज हो गई हैं। एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि नगर निगम के अफसरों को नोटिस दिया जाएगा। बताया गया कि डॉ. हरपाल सिंह ने अपने बयानों में गबन के आरोप को निराधार बताकर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
भूख से मरे गोवंशों का मामला निगम के जिम्मेदार अफसरों पर भारी पड़ सकता हैं। डॉ. हरपाल सिंह को निगम अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवाया है। इस मामले में गोशाला केयर टेकर नामजद भारत कुमार की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। सिविल लाइन पुलिस ने गोशाला की दो साल के दस्तावेज लेकर जांच शुरू कर दी। गोशाला में लिखापढ़ी में 2549 गोवंश बताकर भुगतान हो रहा था, जबकि वहां पर कुल 1296 गोवंश मिले हैं। इसको लेकर डॉ. हरपाल सिंह के अलावा अन्य अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। एसएसपी ने बताया कि पुलिस की विवेचना में निगम के कई अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं। डॉ. हरपाल ने अपने बयान में कहा कि गोवंशों के चारा-चोकर और अन्य सामान की खरीदने में निगम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस प्रकरण में विवेचक ने निगम के अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगेंगे।