बता दें कि पहले मामले की जांच भौराकलां पुलिस ने और बाद में सीबीआई ने की। सीबीआई ने सुनील, ललित और रोहताश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। रोहताश को बाद में एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था।
इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे- प्रथम वीर नायक सिंह की अदालत में हुई। सीबीआई और अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 20 गवाह पेश गए। बुधवार को अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए तीनों आरोपियों रोहताश, सुनील और ललित पुत्रगण रामस्वरूप को आईपीसी की धारा 452, 307, 302 में दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया।
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