इस पर अभियोजन पक्ष (रूबी पक्ष) ने अदालत से पारस का चौथी कक्षा तक का रिकार्ड देने के लिए समय मांगा। अदालत ने वादी पक्ष को दो दिन का समय देते हुए सुनवाई की अगली तिथि सात फरवरी नियत कर दी है।
यह था मामला
पारस सोम पर युवती रूबी का अपहरण करने और विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की फरसे से प्रहार कर हत्या करने का आरोप है। वर्तमान में पारस जेल में बंद है। पारस के परिजनों ने अधिवक्ताओं के पैनल के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर पारस के नाबालिग होने का दावा किया था। इस प्रार्थना पत्र की सुनवाई एससी एसटी एक्ट न्यायालय एडीजे मोहम्मद असलम सिद्दीकी की अदालत में चल रही है।
शनिवार को साक्ष्य नहीं दे पाए थे
इससे पहले शनिवार को हुई सुनवाई में वादी रूबी पक्ष ने न्यायालय में तर्क दिया था कि आरोपी की उम्र की जांच के लिए उसका पांचवीं कक्षा का रिकॉर्ड तलब किया जाना चाहिए। पारस के अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया था।
उन्होंने कहा था कि जन्मतिथि का निर्धारण दसवीं कक्षा की मार्कशीट के आधार पर होना चाहिए। इसके बाद वादी के अधिवक्ता ने पांचवीं कक्षा से संबंधित दस्तावेज रिकॉर्ड तलब करने के लिए विधि व्याख्या देने हेतु समय मांगा था।
हालांकि मंगलवार को हुई सुनवाई में वादी अधिवक्ता द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आदेश के लिए पत्रावली आरक्षित कर ली थी।