यूपी के बिजनौर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद ने महिला दरोगा रेखा यादव को जेल भेज दिया है। उस पर आरोप है कि नूरपुर में पोस्टिंग के दौरान एक लड़की से बलात्कार में उसने आरोपियों की मदद की थी। महिला दरोगा इस समय हीमपुर दीपा में तैनात है।
थाना नूरपुर के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पुत्री के अपहरण की रिपोर्ट 13 सितंबर 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने विपिन, विनोद, अशोक तथा उनके पिता दयाराम के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। अदालत में अपने बयान के दौरान युवती ने कहा था कि उसने अपनी मर्जी से विपिन के साथ शादी की। विनोद और अशोक उसके देवर हैं तथा दयाराम ससुर हैं। युवती ने अपने बयान में यह भी कहा था कि तत्कालीन दरोगा पीके चौहान और रेहटी के कामेंद्र ने कमरे में बंद रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। रेखा यादव उस समय नूरपुर थाने में तैनात थी। पीके चौहान के कहने पर कमरे पर युवती के साथ हुए दुष्कर्म में उनकी मददगार थी।
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कोर्ट ने इस मामले में दरोगा पीके चौहान, कामेंद्र निवासी रेहटी जागीर और महिला एसआई रेखा यादव को कोर्ट में विचारण के लिए तलब किया था। अदालत की सख्ती के बाद महिला दरोगा रेखा यादव मंगलवार को कोर्ट में पेश हुई और उपरोक्त मामले में जमानत की याचिका की सुनवाई के दौरान अंतरिम जमानत की प्रार्थना की थी। कोर्ट ने उसे अंतरिम जमानत नहीं दी और महिला दरोगा को जेल भेज दिया। कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए नौ मई की तिथि नियत की है।
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