नोट: नोएडा के लिए ध्यानार्थ
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। गौतमबुद्धनगर के गांव धूम खेड़ा के एक किसान की शिकायत पर न्यायालय अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत ने जिलाधिकारी नोएडा से रिपोर्ट तलब की है। किसान बलजीत सिंह नागर ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने रिश्वत लेकर उनके खेतों पर गलत पैमाइश की। बिना कानूनी प्रक्रिया के तोड़फोड़ कर लाखों रुपये का नुकसान किया गया। न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए 31 जुलाई की तिथि तय की है।
बलजीत सिंह नागर ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि गांव के बलबीर सिंह के प्रार्थना पत्र पर तत्कालीन राजस्व निरीक्षक नरेश चंद्र, लेखपाल दर्शन कुमार, तत्कालीन तहसीलदार दादरी ओम प्रकाश पासवान, तत्कालीन नायब तहसीलदार दादरी प्रतीत चौहान, एसडीएम दादरी अनुज नेहरा और राजस्व निरीक्षक दादरी अशोक कुमार ने मिलकर रिश्वत ली। इन अधिकारियों पर बिना जांच और कानूनी प्रक्रिया के निर्माण तोड़ने का आरोप है।
बलजीत सिंह ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय लेखपाल की अनुपस्थिति में तोड़फोड़ की गई। उनकी मौजूदगी के बिना जमीन नापना संभव नहीं था।
किसान बलजीत सिंह नागर ने आरोप लगाया कि एसडीएम दादरी अनुज नेहरा की शह पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
थाना क्षेत्र के उप निरीक्षक रिंकू सिंह ने न्यायालय में अपनी रिपोर्ट दाखिल की। रिपोर्ट में कहा गया कि यह मामला सिविल प्रकृति का है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। अभियोजन अधिकारी महेंद्र प्रजापति ने जानकारी दी कि बृहस्पतिवार को आरोपी पक्ष की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। न्यायालय ने आरोपी पक्ष को नोटिस जारी किया है। साथ ही, इस मामले में उच्च अधिकारियों से भी रिपोर्ट मांगी है।