साथ ही मेरठ पुलिस को निर्देश दिए कि इन सभी लोगों को तलाश कर कोर्ट में पेश करें। यह दंगा 38 साल पहले हुआ था, जिसमें हत्या दी हुई थी। तत्कालीन इंस्पेक्टर ने जांच की थी और डॉक्टरों द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया था। उक्त यह सभी लोग कोर्ट में तारीख पर नहीं जा रहे थे। उसके चलते समन जारी हुआ है।
समन जारी होने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने 38 साल का रिकॉर्ड थाने के माल खाने में तलाशा। लेकिन वहां पर रिकॉर्ड नहीं मिला। पुलिस का दावा है कि तत्कालीन इंस्पेक्टर मुरादाबाद में रहते हैं। यह जानकारी पुलिस को मिली है।
कोतवाली थाना की पुलिस उनकी तलाश में मुरादाबाद के लिए रवाना हो गई है। इंस्पेक्टर कोतवाली आशुतोष कुमार ने सुमन में शामिल 10 लोगों की जानकारी रिटायर्ड हुए अधिकारियों से भी लेने का प्रयास किया है। देर रात तक तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत सभी 10 लोगों का पता लगाने में मेरठ पुलिस जुटी रही।
1983 दंगे के मामले में कोर्ट में तारीख पहने जाने के चलते तत्कालीन इंस्पेक्टर कोतवाली, डॉक्टर समेत 10 लोगों के समन जारी हुए हैं। कोतवाली थाने की पुलिस इन सभी 10 लोगों की तलाश में लग गई है जल्दी उनका पता किया जाएगा और उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
-अरविंद चौरसिया, सीओ कोतवाली
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/