मेरठ। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कई वार्डों में नियमित रूप से कूड़ा गाड़ी नहीं पहुंचने से लोगों में गुस्सा है। बृहस्पतिवार को वार्ड-50 के पार्षद संजय सैनी ने नगर निगम में बीवीजी कंपनी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। पार्षद प्रशांत कसाना, भूपेंद्र उर्फ भूपे और कीर्ति घोपला ने भी बीवीजी कंपनी के खिलाफ शिकायत की हुई है।
पार्षदों का आरोप है कि करोड़ों रुपये का भुगतान होने के बावजूद कंपनी शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने में विफल है। कहा गया कि पांडवनगर, शताब्दीनगर, पुठा, लिसाड़ीगेट सहित कई कॉलोनियों में कूड़ा गाड़ियां नहीं पहुंचतीं। इससे सड़कों और गलियों में कूड़े के ढेर लग रहे हैं। संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। निगम को लगातार शिकायतें मिल रही हैं पर समाधान नहीं हो रहा। पार्षद ने अधिकारियों से कंपनी का अनुबंध समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बीवीजी कंपनी केवल कागजों में सफाई चला रही है, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी का कहना है कि जहां से शिकायत आती है, वहां पर तुरंत कूड़ा गाड़ी भेजी जाती है।
लोगों में भी आक्रोश
पार्षदों के अलावा आम जनता में भी बीवीजी कंपनी के प्रति आक्रोश है। लोगों ने बताया कि कई बार फोन करने पर भी कूड़ा वाहन नहीं आता। कुछ क्षेत्रों में तो सप्ताह में केवल एक-दो बार ही गाड़ी पहुंचती है। इससे खाली प्लॉट और सड़क किनारे अस्थायी कूड़ा घर बन गए हैं। पार्षद संजय सैनी ने चेतावनी दे दी कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन होगा।