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बेसिक शिक्षा विभाग में निलंबन का ‘खेल’, अध्यापकों को मनचाही पोस्टिंग देने की तैयारी

Tue, 06 Nov 2018 03:45 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो
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मेरठ में बेसिक शिक्षा विभाग में निलंबन को लेकर बड़ा खेल चल रहा है। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा तीन प्रधानाध्यापकों को निलंबित किया गया। जहां इन अध्यापकों को भी मनचाही पोस्टिंग देने की तैयारी है तो वहीं इससे पूर्व इस तरह के कई अध्यापकों को मनचाही तैनाती दी जा चुकी है। सजग प्रहरी सामाजिक संगठन ने विभाग पर आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है। 

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बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापकों के तबादले को लेकर नया खेल सामने आया है। शुक्रवार को नगरीय क्षेत्र के तीन प्रधानाध्यापकों का निलंबन किया गया। जिसको लेकर सजग प्रहरी संगठन के जिलाध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए। आरोप है कि कांच का पुल स्थित प्राथमिक विद्यालय कन्या अंदर कोट बेल पत्थर के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार त्यागी का निलंबन किया गया। प्राथमिक विद्यालय में तीन सौ से ज्यादा छात्राएं हैं। जिसके चलते प्रधानाध्यापक काफी समय से स्कूल बदलना चाह रहे थे। विभाग की ओर से जनपदीय स्थानांतरण पर पूरी तरह रोक है। प्राथमिक विद्यालय अंदर कोट बेल पत्थर में चार शिक्षामित्र हैं। जबकि अनिल त्यागी सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। 

आरोप है विभागीय अधिकारी निरीक्षण के बहाने स्कूलों के अध्यापकों का निलंबन कर स्थानांतरण कर रहे हैं। अनिल त्यागी को विभागीय अधिकारियों ने चाणक्यपुरी प्राथमिक विद्यालय से संबद्ध कर दिया है। जबकि चाणक्यपुरी के विद्यालय में मात्र 35 बच्चे पढ़ते हैं। जिसमें दो शिक्षिकाओं की तैनाती है। नगरीय क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र से ज्यादा शिक्षकों का टोटा है। कुछ दिनों बाद निलंबित अध्यापक को संबद्ध स्कूल में ही तैनाती दे दी जाती है।

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वहीं प्राथमिक विद्यालय स्मिथ गंज जय देवीनगर के प्रधानाध्यापक मयंक रस्तोगी के निलंबन पर भी सजग प्रहरी के जिलाध्यक्ष ने सवाल उठाए हैं। सरधना के अलीपुर, नरहाड़ा के रजपुरा, झिंझाखर रोहटा के प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापकों का निलंबन के बहाने स्थानांतरण किया जा चुका है। कुलदीप शर्मा ने कहा इस मुद्दे को वह डीएम और कमिश्नर के सामने भी उठाएंगे। यह खेल लंबे समय से चल रहा है, जिसमें एक भाजपा नेता का हाथ भी है। बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर वो पहले भी मुख्यमंत्री से शिकायत कर चुके हैं, जिसमें जांच चल रही है। कार्रवाई नहीं हुई तो वो इस मामले को भी मुख्यमंत्री के दरबार में लेकर जाएंगे।  

छोटी कमियों पर निलंबन करना गलत
जिलाध्यक्ष शर्मा का आरोप है स्कूलों में निरीक्षण के दौरान छोटी-छोटी कमियों पर निलंबन की कार्रवाई हो रही है। जबकि छोटे मामलों में शिक्षकों को सख्त चेतावनी देकर भी छोड़ा जा सकता है। लेकिन स्थानांतरण के खेल में निलंबन किया जा रहा है। जनपद में शिक्षकों की कमी है। 

जांच के बाद कार्रवाई
पूरे मामले में जांच के बाद कार्रवाई की गई है। नगर शिक्षा अधिकारी की संस्तुति के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। बोर्ड परीक्षा के बाद स्कूलों में निरीक्षण की कार्रवाई और तेज होगी। -सतेंद्र कुमार ढाका, बीएसए

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