मेरठ। पीएम स्वनिधि के चक्कर में नगर निगम कर वसूली करना भूल गया है। वित्तीय वर्ष खत्म होने में एक महीने से भी कम समय बचा है और निगम कर करेत्तर वसूली लक्ष्य से कोसो दूर है। सरकारी विभागों पर 45 करोड़ गृहकर बकाया होने के बाद इनसे वसूली नहीं कर पा रहा है। 40 सरकार विभाग ऐसे हैं जिन्होंने नगर निगम का कर दबा रखा है। सबसे ज्यादा बकाया बिजली विभाग 24 करोड़ रुपया है।
कोरोना काल में आर्थिक रूप से कमजोर हुए स्ट्रीट वेंडरों को उबारने के लिए सरकार पीएम स्वनिधि के तहत दस हजार रुपये का लोन बैंकों के माध्यम से दिला रही है। इसके लिए नगर निगम को शहर के 65 हजार वेंडरों को लोन दिलाने का लक्ष्य दिया गया है। 6 मार्च तक 23 हजार से ज्यादा वेंडरो को लोन दिलाया जाना है। इसके चलते नगर निगम हाउस टैक्स अनुभाग गृहकर वसूली छोड़कर स्वनिधि का लक्ष्य पूरा करने में जुटा है।
दूसरी तरफ शहरवासियों के अलावा सरकारी विभाग कर अदा नहीं कर रहे हैं। सरकारी विभागों पर ही 45 करोड़ रुपया बकाया चल रहा है। इसमें पीवीवीएनएल पर 24 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश वस्त्र उद्योग पर 11 करोड़, पुलिस विभाग पर 3 करोड़, बीएसएनएल पर 84 लाख, कृषि विभाग पर 60 लाख, आवास विकास पर 57 लाख, बीएसए पर 53 लाख रुपये बकाया चल रहा है। कर प्रभारी अपर नगर आयुक्त श्रद्धा शांडिल्यायन ने बताया कि पीएम स्वनिधि के साथ कर वसूली भी कराई जा रही है। बकायेदार सरकारी विभागों को नोटिस देकर बकाया भुगतान करने को कहा गया है।